फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   petrol diesel price to remain high as rupee plunges to its lowest against dollar last six months

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की सोच रहे हैं तो भूल जाइए, वजह भी जान लीजिए

Tue, 26 Sep 2017 01:34 PM IST
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल Updated Tue, 26 Sep 2017 01:34 PM IST
विज्ञापन
petrol diesel price to remain high as rupee plunges to its lowest against dollar last six months
petrol pump

मंगलवार का दिन भारतीय रुपये के लिए मंगलमय नहीं रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया अपने 6 माह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे इकोनॉमी को नुकसान होने की आशंका है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम आगे चलकर कम होंगे इस पर भी संशय बरकरार है। 

विज्ञापन


65.38 के स्तर पर पहुंचा
डॉलर के मुकाबले रुपया 65.38  पैसे के स्तर पर आ गया। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को इसमें 28 पैसे की गिरावट देखी गई। सोमवार को भी रुपये में 31 पैसे की गिरावट देखी गई थी और यह 65.10 पैसे पर बंद हुआ था। इससे पहले इसी साल 24 मार्च को रुपया डॉलर के मुकाबले 65.41 पर बंद हुआ था। 
विज्ञापन


पढ़ें- GDP में भारी गिरावट, जेटली बोले- अर्थव्यवस्था के लिए बेहद चिंता की बात
विज्ञापन
विज्ञापन


रुपया गिरने का ये है प्रमुख कारण
रुपये के गिरने के प्रमुख कारण में यूएस फेड रिजर्व द्वारा दिसंबर में अपनी दरें बढ़ाने के संकेत हैं। इसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मार्केट से डॉलर निकालना शुरू कर दिया है। बैंक भी डॉलर को बाहर निकाल रहे हैं। 

जीडीपी के और कमजोर होने की आशंका 

petrol diesel price to remain high as rupee plunges to its lowest against dollar last six months
जीडीपी

रुपये के गिरने से जीडीपी के और कमजोर होने की आशंका है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी से पहले माल की डिस्टॉकिंग की हड़बड़ाहट को कमजोर विकास दर के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही अर्थव्यवस्था 7 फीसदी की रफ्तार पकड़ लेगी। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के निम्न स्तर पर पहुंच जाने के कारण यह स्थिति बनी है। 

उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाली तिमाहियों में विश्व अर्थव्यवस्था में सुधार तथा अच्छे मानसून से जीडीपी विकास दर बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि देश यदि हम सालाना विकास लक्ष्य हासिल कर लेते हैं तो विकास दर भी सुधरने लगेगी।
उल्लेखनीय है कि आर्थिक सर्वे में वर्ष 2017-18 के दौरान विकास दर 6.75 फीसदी से बढ़कर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। 

पहली तिमाही में भी कमजोर थी जीडीपी
पहली तिमाही के कमजोर जीडीपी आंकड़े को चिंताजनक बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस आंकड़े में सुधार लाने के लिए नीतिगत और निवेश स्तर पर बेहतर काम करेगी। समग्र रूप से देखा जाए तो कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन सामान्य रहा है।

जबकि मैन्युफैक्चरिंग विकास दर 3.1 फीसदी से गिरकर 1.6 फीसदी हो जाने के कारण जीडीपी में यह गिरावट आई है। हालांकि सेवा और निवेश क्षेत्र की स्थिति सुधरी है लेकिन जीएसडी के कारण मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की विकास दर कमजोर पड़ी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed