इनकम टैक्स रिफंड चाहिए तो आपको भरना ही होगा ई-रिटर्न
आम आदमी के लिए आयकर विभाग से रिफंड हासिल कर पाना सदा से ही दुश्वारी भरा काम रहा है। अब उनके ऊपर एक और जिम्मेदारी थोपी जा रही है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नियम बनाया है कि असेसमेंट वर्ष 2015-16 के दौरान यदि किसी को आयकर विभाग से रिफंड चाहिए, तो वह ऑनलाइन रिटर्न भरें। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो विभाग कोई रिफंड नहीं देगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा पिछले दिनों जारी अधिसूचना संख्या 41 के मुताबिक अब चाहे जो भी रिटर्न फार्म भरने वाले आयकरदाता हों, उन्हें यदि रिफंड लेना है, तो ऑनलाइन रिटर्न फार्म भरना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर या ओटीपी
उसमें आयकर दाता यदि इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर करते हैं तो अति उत्तम। यदि इलेक्ट्रानिक सिगनेचर की व्यवस्था नहीं है, तो इलेक्ट्रॉनिक वेरीफिकेशन के लिए आधार संख्या भरें या फिर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जैसी प्रक्रिया अपनाएं।
हालांकि, आयकर विभाग ने 80 वर्ष से ऊपर के सुपर सीनियर सिटीजन को इस प्रक्रिया से छूट दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) का कहना है कि सुपर सीनियर सिटीजन पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार पहले से ही पांच लाख रुपये से अधिक आमदनी वालों के लिए ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य किए हुए है।
4 करोड़ लोग भरते हैं आयकर रिटर्न
आयकर विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार आयकर रिटर्न के दायरे में अधिक से अधिक लोगों को लाना चाहती है, लेकिन इसमें कोई खास सफलता नहीं मिल पा रही है।
स्थिति यह है कि अभी भी करीब 4 करोड़ लोग ही आयकर रिटर्न फार्म भरते हैं, जो देश की कुल जनसंख्या का करीब 3 फीसदी ही है।
रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास हुए हैं, लेकिन इसमें अपेक्षित साफलता नहीं मिल पाई है, लेकिन कुछ ऐसे प्रावधान जरूर कर दिए गए हैं, जो कि रिटर्न भरने वालों को ज्यादा परेशान करेंगे।