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मध्य वर्ग को नहीं मिली है खास राहत
नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Mar 2013 02:23 PM IST
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:- मोहन लाल 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले करदाता हैं। बजट में टैक्स छूट के 2,000 रुपये के प्रावधान को समझ नहीं पाए हैं। वह जानना चाहते हैं कि इस बजटीय प्रावधान से उन जैसे कितने करदाताओं को कुल कितना लाभ होगा?
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:- मोहन लाल यह बात आप सीधे तौर पर जान लीजिए कि इस बार के बजट से मध्य वर्ग को कोई खास राहत नहीं मिली है। वित्त मंत्री ने न तो टैक्स स्लैब में बदलाव किया है न ही टैक्स रेट में। अब जहां तक बात 5 लाख रुपये तक की आपकी तरह आमदनी वालों को 2,000 रुपये टैक्स क्रेडिट मिलने की बात है, तो यह जानिए कि 2-5 लाख रुपये तक की सालाना आय वर्ग के करदाताओं को वित्त मंत्री ने टैक्स में 2,000 रुपये की छूट दी है।
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:- रोहन एक कंपनी के सीएमडी हैं। उनकी सालाना करयोग्य आमदनी 1 एक करोड़ रुपये से अधिक है। बजट में धनाढ्यों पर लगे 10 फीसदी सरचार्ज के फार्मूले को वह समझना चाहते हैं।
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:- मान लीजिए रोहन आप एक ऐसे व्यक्तिगत करदाता हैं, जिसकी सालाना करयोग्य आमदनी 1 करोड़ रुपये है। अब बजट में सुपर रिच पर 10% सरचार्ज लगाने का मतलब यह हुआ कि आपको अपनी 1 करोड़ की आय पर स्लैब के अनुसार 30% की दर से आय कर और उस कर पर 10% सरचार्ज देना होगा। साथ ही इन दोनों के जोड़ पर 3% एजूकेशन सेस देना होगा।
:- रोहन यह भी जानना चाहते हैं कि कर योग्य 1 करोड़ से अधिक आमदनी वाले कितने घोषित करदाता हैं और यह सरचार्ज का नियम कब तक लागू रहेगा।
:- रोहन आपको अधिक घबराने की आवश्यकता नहीं है। वित्त मंत्री ने 10 फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का प्रावधान केवल वित्त वर्ष 2013-14 के लिए किया है। वहीं, वित्त मंत्री ने बताया है कि देश में सिर्फ 42,800 ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने यह स्वीकार किया है कि उनकी सालाना कर योग्य आमदनी 1 करोड़ रुपये से अधिक है।
:- गिरधारी लाल के पास गांव और शहर में अच्छी खासी अचल संपत्ति है। बजट में संपत्ति की खरीद-बिक्री पर टीडीएस कटौती के प्रस्ताव पर वह भविष्य में आने वाली देनदारियां जानना चाहते हैं।
:- देखिए, गिरधारी लाल जी, 50 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर मूल्य के 1 फीसदी की दर से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का प्रस्ताव किया गया है। यह कटौती बेचने वाले से की जाएगी। राहत वाली बात यह है कि खेती की जमीन की खरीद-बिक्री पर यह नियम लागू नहीं होगा। यानी, यदि आप 50 लाख रुपये से अधिक अचल संपत्ति, जो खेती की जमीन नहीं है, की खरीद-बिक्री करते हैं, तो मूल्य के 1 फीसदी की दर से स्रोत पर टीडीएस कटेगा। इस प्रस्ताव के बारे में वित्त मंत्री का यह कहना है कि आमतौर पर अचल संपत्तियों से होने वाले लेनदेन का मूल्यांकन और रिपोर्टिंग कम की जाती है।
:- कश्यप किशोर एनसीआर स्थित एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। वह एक मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, वह बजट में होम लोन के ब्याज पर कर छूट के प्रस्ताव को समझना चाहते हैं।
:- कश्यप यदि आप पहला मकान खरीदने जा रहे हैं और होम लोन 25 लाख रुपये तक लेना है, तो ही लोन पर चुकाए गए ब्याज पर एक लाख रुपये अतिरिक्त यानी कुल 2.5 लाख रुपये कर छूट का लाभ मिलेगा। यह भी जान लीजिए कि मकान की कीमत 40 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पहले से लिए गए होम लोन पर यह छूट लागू नहीं होगी। दूसरी बात, यह भी जान लीजिए कि जो होम लोन वित्त वर्ष 2013-14 में लिए जाएंगे, उन्हीं पर कर छूट की यह सुविधा मिलेगी। ऐसे खरीदारों को 2014-15 में एक लाख रुपये तक के ब्याज की अतिरिक्त कटौती की सुविधा भी दी जाएगी और यदि यह सीमा इस वर्ष समाप्त नहीं होती है, तो शेष राशि का दावा 2015-16 में किया जा सकेगा। यह कटौती आयकर अधिनियम की धारा 24 के तहत अपने कब्जे वाली संपत्तियों के लिए स्वीकृत 1.50 लाख रुपये की कटौती के अलावा होगी।
(विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर)