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बीमा में जोखिम के हिसाब से प्रीमियम की भी सुविधा
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Fri, 01 Feb 2013 06:20 PM IST
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अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीमे के प्रति बढ़ती जागरूकता और कठिन प्रतिस्पर्धा के चलते बहुत सी बीमा कंपनियां ग्राहकों को ऐसी सुविधा मुहैया करा रही हैं, जिसके तहत उन्हें बीमे का प्रीमियम अपने जीवन से जुड़े जोखिमों के हिसाब से देने की सुविधा मिल जाती है।
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इसका फायदा यह है कि अगर आपके जीवन के साथ कम जोखिम जुड़े हैं, तो अपने जोखिम प्रोफाइल के आधार पर आप को समान बीमा पॉलिसी के लिए अन्य लोगों की अपेक्षा कम प्रीमियम अदा करना होगा। बीमा कंपनियों द्वारा ग्राहकों का जोखिम प्रोफाइल कुछ खास बातों के आधार पर तय किया जाता है।
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मेडिकल हिस्ट्रीः अगर पॉलिसी लेते वक्त आपको कोई ऐसी बीमारी (प्री एक्जिसटिंग डिजीज) है, जो जीवन के लिए खतरा भी हो साबित हो सकती है, तो इंश्योरेंस कंपनियां आपसे अतिरिक्त प्रीमियम वसूल सकती हैं, जिसे लोडिंग के नाम से जाना जाता है। जिस व्यक्ति को प्री एक्जिसटिंग डिजीज नहीं है उनसे अतिरिक्त प्रीमियम नहीं लिया जाता है।
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नॉन मेडिकल हिस्ट्रीः मेडिकल हिस्ट्री के अलावा आपकी जीवन शैली जैसे धूम्रपान, शराब की लत और कामकाज या व्यवसाय से जुड़े जोखिम भी प्रीमियम निर्धारित करते समय ध्यान में रखे जाते हैं। आम तौर पर जो व्यक्ति धूम्रपान करते हैं उनका प्रीमियम धूम्रपान ना करने वालों से ज्यादा होता है।