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लंबी अवधि, कम ईएमआई के होम लोन लाएं बैंक
मुंबई/एजेंसी
Updated Sat, 10 Nov 2012 11:56 AM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि बैंकों को कम ईएमआई और 30 साल तक की अवधि में चुकाए जा सकने वाले होम लोन लाए जाने की संभावना पर गौर करना चाहिए।
इसमें यह भी कहा गया है कि बैंकों को 7-10 साल की अवधि के बाद ब्याज दरों को फिर से तय करने के प्रावधान के जरिए लंबी अवधि के फिक्स्ड दर के होम लोन को प्रचलन में लाना चाहिए। आरबीआई ने ये सुझाव लंबी अवधि के फिक्स्ड ब्याज दर के लोन को और अधिक व्यवहारिक बनाए संबंधी विषय पर तैयार रिपोर्ट में दिए हैं।
आरबीआई ने रिपोर्ट पर 23 नवंबर तक लोगों से उनकी राय मांगी है। मौजूदा समय में बैंक अधिकतम 15-20 साल की अवधि के लिए होम लोन देते हैं। इसके अलावा बैंकों को पांच से अधिक अवधि के लिए फिक्स्ड डिपोजिट को भी बढ़ावा देने का सुझाव दिया है।
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साथ ही कहा गया है कि सरकारी सिक्योरिटी की तर्ज पर बैंक 30 वर्षीय बांडों के जरिए अपना फंड बढ़ा सकते हैं। 1977 से 2000 के बीच में फिक्स्ड रेट लोन प्रोडक्टर काफी प्रचलन में थे।
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इसमें यह भी कहा गया है कि बैंकों को 7-10 साल की अवधि के बाद ब्याज दरों को फिर से तय करने के प्रावधान के जरिए लंबी अवधि के फिक्स्ड दर के होम लोन को प्रचलन में लाना चाहिए। आरबीआई ने ये सुझाव लंबी अवधि के फिक्स्ड ब्याज दर के लोन को और अधिक व्यवहारिक बनाए संबंधी विषय पर तैयार रिपोर्ट में दिए हैं।
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आरबीआई ने रिपोर्ट पर 23 नवंबर तक लोगों से उनकी राय मांगी है। मौजूदा समय में बैंक अधिकतम 15-20 साल की अवधि के लिए होम लोन देते हैं। इसके अलावा बैंकों को पांच से अधिक अवधि के लिए फिक्स्ड डिपोजिट को भी बढ़ावा देने का सुझाव दिया है।
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साथ ही कहा गया है कि सरकारी सिक्योरिटी की तर्ज पर बैंक 30 वर्षीय बांडों के जरिए अपना फंड बढ़ा सकते हैं। 1977 से 2000 के बीच में फिक्स्ड रेट लोन प्रोडक्टर काफी प्रचलन में थे।