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घर खरीदने की क्षमता 4 साल में सबसे बदतर, रिजर्व बैंक ने 13 शहरों में सर्वे करा जुटाए आंकड़े
Fri, 12 Jul 2019 07:19 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 12 Jul 2019 07:19 AM IST
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सरकार की किफायती मकान उपलब्ध कराने की तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों में घर खरीदने की क्षमता चार साल में सबसे बदतर स्थिति में पहुंच गई है। रिजर्व बैंक ने दिल्ली, मुंबई सहित देश के 13 प्रमुख शहरों में सर्वे के बाद इसका खुलासा किया है।
आरबीआई ने बताया कि जुलाई 2010 से अभी प्रमुख 13 शहरों में बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए आवास ऋण के आधार पर यह डाटा जुटाया गया है। इसमें पता चला है कि पिछले चार वर्षों में आय के मुकाबले मकान की कीमत (एचपीटीआई) का औसत सबसे ज्यादा बढ़ा है।
यह मार्च 2015 के 56.1 से बढ़कर मार्च 2019 में 61.5 पहुंच गई है। इस मामले में मुंबई वासियों की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जबकि भुवनेश्वर बेहतर स्थिति में रहा। इस दौरान आय के अनुपात में कर्ज का औसत (एलटीआई) भी मार्च 2015 के 3 अंक से बढ़कर 2019 में 3.4 अंक हो गया है।
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इतना ही नहीं बैंकों का कर्ज डूबने का खतरा बढ़ने से मूल्य पर कर्ज (एलटीवी) का औसत भी पिछले चार वर्षों में 67.7 फीसदी से 69.6 फीसदी के बीच रहा है। आय के अनुपात में ईएमआई में भी बढ़ोतरी हुई है। यह मुंबई, पुणे और अहमदाबाद में सबसे ज्यादा बढ़ा है, जबकि दिल्ली, चेन्नई कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और भोपाल में औसत रहा।
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आरबीआई ने बताया कि जुलाई 2010 से अभी प्रमुख 13 शहरों में बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए आवास ऋण के आधार पर यह डाटा जुटाया गया है। इसमें पता चला है कि पिछले चार वर्षों में आय के मुकाबले मकान की कीमत (एचपीटीआई) का औसत सबसे ज्यादा बढ़ा है।
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यह मार्च 2015 के 56.1 से बढ़कर मार्च 2019 में 61.5 पहुंच गई है। इस मामले में मुंबई वासियों की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जबकि भुवनेश्वर बेहतर स्थिति में रहा। इस दौरान आय के अनुपात में कर्ज का औसत (एलटीआई) भी मार्च 2015 के 3 अंक से बढ़कर 2019 में 3.4 अंक हो गया है।
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इतना ही नहीं बैंकों का कर्ज डूबने का खतरा बढ़ने से मूल्य पर कर्ज (एलटीवी) का औसत भी पिछले चार वर्षों में 67.7 फीसदी से 69.6 फीसदी के बीच रहा है। आय के अनुपात में ईएमआई में भी बढ़ोतरी हुई है। यह मुंबई, पुणे और अहमदाबाद में सबसे ज्यादा बढ़ा है, जबकि दिल्ली, चेन्नई कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और भोपाल में औसत रहा।