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किरायेदारों के अनुभवोें को खास तवज्जो देते हैं वाणिज्यिक संपत्तियों के मालिक
Thu, 05 Mar 2020 07:17 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 05 Mar 2020 07:17 AM IST
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- फोटो : social media
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग और आईओटी जैसे डाटा संचालित माध्यमों का इस्तेमाल कर फैसिलियो इंक ने कॉमर्शियल रियल एस्टेट (सीआरई) पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया है कि 77 फीसदी सीआरई के मालिक अपने किरायेदारों के अनुभवों को खासा तवज्जो देते हैं।
रिपोर्ट में ऊर्जा प्रबंधन और डाटा आधारित संचालन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अनुसार, सीआरई मालिक अपने किरायेदारों के अनुभवों को जानने के लिए परिचालन खर्च की 39 फीसदी लागत भी देने को तैयार हैं। कंपनी ने इस रिपोर्ट को अमेरिका, मध्य पूर्व और भारत में सर्वे के आधार पर तैयार किया है।
फैसिलियो इंक के संस्थापक और सीईओ प्रभु रामचंद्रन ने बताया कि इन संपत्तियों का 60 फीसदी मेंटेनेंस खर्च हार्ड सर्विस के लिए होता है। इसे रियल टाइम आईओटी के इस्तेमाल से 20 फीसदी तक घटाया जा सकता है। इसमें खरीद, नवीनीकरण, संपत्ति की स्थिति और कमियों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने की बात कही है।
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इसके अलावा इन बिल्डिंग में दुनिया की कुल ऊर्जा खपत का 70 फीसदी लगता है, जिसमें कुल बजट की 65 फीसदी राशि जाती है। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से इस खर्च को भी घटाया जा सकता है।
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रिपोर्ट में ऊर्जा प्रबंधन और डाटा आधारित संचालन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अनुसार, सीआरई मालिक अपने किरायेदारों के अनुभवों को जानने के लिए परिचालन खर्च की 39 फीसदी लागत भी देने को तैयार हैं। कंपनी ने इस रिपोर्ट को अमेरिका, मध्य पूर्व और भारत में सर्वे के आधार पर तैयार किया है।
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फैसिलियो इंक के संस्थापक और सीईओ प्रभु रामचंद्रन ने बताया कि इन संपत्तियों का 60 फीसदी मेंटेनेंस खर्च हार्ड सर्विस के लिए होता है। इसे रियल टाइम आईओटी के इस्तेमाल से 20 फीसदी तक घटाया जा सकता है। इसमें खरीद, नवीनीकरण, संपत्ति की स्थिति और कमियों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने की बात कही है।
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इसके अलावा इन बिल्डिंग में दुनिया की कुल ऊर्जा खपत का 70 फीसदी लगता है, जिसमें कुल बजट की 65 फीसदी राशि जाती है। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से इस खर्च को भी घटाया जा सकता है।