नोटबंदी: जबरदस्त तेजी से बढ़ा एम-वॉलेट का चलन
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नोटबंदी के बाद नकदी रहित लेन-देन में जबरदस्त तरीके से बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसी के चलते डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम के प्लेटफॉर्म से रोजाना लगभग 120 करोड़ रुपये का लेन-देन होने लगा है।
इसके कारण कंपनी ने निर्धारित समय से चार महीने पहले ही पांच अरब डॉलर ग्रॉस मर्केंडाइज वैल्यू (जीएमवी) बिक्री का लक्ष्य हासिल कर लिया है। पेटीएम की पिछले साल की जीएमवी तीन अरब डॉलर थी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली बिक्री के कुल मूल्य को उद्योग की भाषा में ग्रॉस मर्केंडाइज वैल्यू (जीएमवी) कहा जाता है। अलीबाबा ने पेटीएम में बड़ा निवेश किया है और यह मोबाइल भुगतान प्लेटफॉर्म के साथ ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस भी उपलब्ध कराती है।
पेटीएम के वाइस प्रेसीडेंट सुधांशु गुप्ता ने कहा कि लाखों लोग पहली बार पेटीएम से भुगतान कर रहे हैं, जिसके कारण दैनिक लेन-देन 70 लाख और दैनिक भुगतान राशि 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
50 लाख से अधिक बने नए पेटीएम उपयोगकर्ता
गुप्ता ने कहा कि अभी कंपनी का दैनिक लेन-देन देश में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के कुल औसत दैनिक लेन-देने से अधिक हो गया है। एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारों को देखते हुए आम लोगों में पेटीएम तथा अन्य मोबाइल वॉलेटों का उपयोग काफी तेजी से बढ़ा है।
पिछले 10 दिनों में पेटीएम ने 4.5 करोड़ उपयोगकर्ताओं को सेवा दी है, जिसमें से 50 लाख से अधिक नए हैं।
कंपनी के कुल मोबाइल वॉलेट उपयोगकर्ताओं की संख्या अभी 15 करोड़ से अधिक हैं।