फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Now MNCs with an online businesses will also have to pay tax

वैश्विक न्यूनतम कर : ऑनलाइन कारोबार वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी अब देना होगा टैक्स 

Sat, 03 Jul 2021 09:10 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 03 Jul 2021 09:10 AM IST
सार

  • दुनियाभर के देशों को हर साल 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त कर मिलेगा
  • वैश्विक न्यूनतम कर समझौते में जी-20 देश भी हैं शामिल

विज्ञापन
Now MNCs with an online businesses will also have to pay tax
tax

विस्तार

भारत समेत दुनिया के 130 देशों ने जिस वैश्विक न्यूनतम कर समझौते पर सहमति जताई है, उसके तहत बहुराष्ट्रीय कंपनी को उन देशों में भी कर देना होगा, जहां वे ऑनलाइन कारोबार से मुनाफा कमाती हैं। चाहे भले ही उन देशों में इन कंपनियों की भौतिक रूप से मौजूदगी न हो।

विज्ञापन


150 अरब डॉलर का अतिरिक्त कर मिलेगा हर साल 
इससे अमेरिकी के 5 फीसदी के वैश्विक न्यूनतम कर के प्रस्ताव पर जिन देशों ने सहमति जताई है उनमें जी-20 देश भी शामिल हैं। इससे दुनियाभर के देशों को हर साल 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त कर मिलेगा। नई कर व्यवस्था के दो पहलू हैं। 
विज्ञापन


पहला, दुनिया भर के देशों को अपने यहां कारोबार करने और मुनाफा कमाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर समुचित कर लगाने का अधिकार मिलेगा। दूसरा, अलग-अलग देशों में अपने यहां करदाताओं का आधार बनाए रखने (संख्या घटने से रोकने) के लिए कॉरपोरेट कर की दर कम से कम रखने की होड़ नहीं मचेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत-चीन ने पहले जताई थी आपत्ति  
इससे पहले भारत और चीन जैसे बड़े विकासशील देशों ने वैश्विक न्यूनतम कर के प्रति आपत्ति जताई थी। अब यह सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की कोशिश करेंगी कि उनके देशों में जिन कंपनियों के मुख्यालय हैं। वह न्यूनतम 15 फीसदी की दर का भुगतान करें।

इन पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान
नए अंतर्राष्ट्रीय कर कानून में उन कंपनियों और देशों पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान होगा जो संबंधित नियमों से खिलवाड़ करेंगे। इससे उन कंपनियों पर लगाम कसेगी जो टैक्स कम रखने के लिए अपनी कमाई शून्य या लो टैक्स रेट वाले देशों में दिखाती हैं।

इसके अलावा शुरुआत में न्यूनतम कर के दायरे में वह बहुराष्ट्रीय कंपनियां आएंगी जिनकी सालाना कमाई 24 अरब डॉलर या इससे ज्यादा होगी। बाद में इसके दायरे में उन कंपनियों को भी लाया जाएगा जिनकी सालाना कमाई 12 अरब डाॅलर या इससे ज्यादा होगी।

अक्तूबर तक बन सकती है सहमति : भारत
वैश्विक न्यूनतम कर की ओईसीडी जी-20 रूपरेखा में शामिल होने के एक दिन बाद वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि मुनाफा आवंटन में हिस्सेदारी और कर नियम सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को हल किया जाना बाकी है।


प्रस्ताव के तकनीकी विवरण आने के बाद इस करार पर अक्तूबर तक सहमति बन सकती है। मंत्रालय ने कहा कि भारत ऐसा सहमति वाला समाधान चाहता है जिसका क्रियान्वयन और अनुपालन आसान हो। साथ ही समाधान ऐसा होना चाहिए जिसकी बाजार क्षेत्रों को आवंटन अर्थपूर्ण और सतत रहे। खासकर विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed