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ईएसआईसी और ईपीएफओ का होगा विलय 

Tue, 03 Apr 2018 07:07 AM IST
अमित अवस्थी, कानपुर
अमित अवस्थी, कानपुर Updated Tue, 03 Apr 2018 07:07 AM IST
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Merger of ESIC and EPFO
epfo
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का एक दूसरे में विलय करने की रूपरेखा तैयार की है। जल्द ही इस संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा। दोनों विभागों का विलय करने के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्वास्थ्य सेवाएं राज्य सरकार के अधीन काम करेंगी। 
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कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार दोनों विभागों में बांटा जाएगा। हालांकि, दोनों विभागों का एक-दूसरे में विलय करने का विरोध भी शुरू कर दिया गया। अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह में हैदराबाद में दोनों फेडरेशनों के पदाधिकारी संयुक्त बैठक करेंगे। इसमें एक संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
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केंद्र सरकार श्रम सुधार कार्यक्रम चला रही है, जिसके तहत इन दोनों विभागों का एक-दूसरे में विलय करने की कार्य योजना तैयार की गई है। सूत्रों ने बताया कि सरकार की मंशा कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पतालों का बेहतर इस्तेमाल करने की है। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। शहर के जाजमऊ अस्पताल को सरकार ने ले लिया है। जल्द ही पांडुनगर स्थित अस्पताल को भी राज्य सरकार अपने अधीन कर लेगी। 
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अधिशेष फंड पर सरकार की नजर

सरकार की नजर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास करीब 56 हजार करोड़ के अधिशेष फंड पर है। सूत्रों ने बताया कि यह फंड निष्क्रिय खातों में है। सरकार इस फंड से सीनियर सिटीजन के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करना चाहती है। इसलिए इन दोनों विभागों का विलय किया जा रहा है। कर्मचारी बीमा निगम के अस्पतालों और पीएफ विभाग के फंड का सरकार इस्तेमाल करना चाहती है।

कर्मचारियों का होगा बंटवारा

दोनों विभागों का विलय करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम और पीएफ बीमा में काम करने वाले अराजपत्रित और तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राज्य सरकार के अधीन कर दिया जाएगा, जबकि राजपत्रित, ग्रेड वन और ग्रेड टू अफसरों को केंद्र सरकार के अधीन कर दिया जाएगा।


विलय का होगा विरोध

वहीं, कर्मचारी संगठन का तर्क है कि बीमा अस्पतालों का संचालन राज्य सरकार पहले से ही कर रही है। यहां मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाएं बदहाल हैं। ऐसे में कर्मचारी राज्य बीमा निगम और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का विलय करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा। इंप्लॉइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों विभागों की फेडरेशनों ने इसका विरोध करने का निर्णय किया है। हैदराबाद में बैठक के बाद संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। दोनों विभागों का विलय नहीं होने दिया जाएगा।
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