Investment-Savings: पहले वेतन से ही बचत-निवेश का बनाएं लक्ष्य, वित्तीय मामलों पर घर में चर्चा जरूरी
हर युवा अपने जीवन में आसानी से वित्तीय संतुलन बना सकता है। अपने वेतन के जरिये वित्तीय जरूरतों को पूरा कर पैसे को ठीक से खर्च करने या सहेजने की आदत बना सकता है। जरूरत है एक ऐसी आदत डालने की, जिसमें युवा अपने पैसों को नियंत्रित करें न कि खुद कंट्रोल होने लगें।
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यह देखना हमेशा उत्साह भरा होता है कि आपके जान पहचान वाले बच्चे स्कूल छोड़कर कॉलेज में दाखिला ले रहे हैं। फिर नौकरी कर रहे हैं। श्रेयस इंजीनियरिंग कॉलेज में स्कॉलर था। उसने अपने अंतिम वर्ष में भी हॉस्टल में रहने का विकल्प नहीं चुना। यह उसकी निजी पसंद है। इस संरक्षित परवरिश का मतलब था कि श्रेयस शायद ही कभी लंबे समय तक अकेले रहा हो। मुझे लगता है कि बच्चों को जीवन और पैसों से जुड़े मामलों को खुद ही तलाशने देना चाहिए ताकि वे गलतियों से सीख सकें और मुश्किल हालात को खुद संभाल सकें। हां, इस दौरान हमेशा आसपास रहना चाहिए। श्रेयस ने जब मुझे अपनी नई नौकरी के बारे में बताया तो मैंने पूछा कि अपनी पहली तनख्वाह का क्या करेगा। उसका जवाब था...यह पिता तय करेंगे। कई युवाओं के साथ ऐसा होता है क्योंकि घरों में वित्तीय मामलों पर शायद ही कभी चर्चा होती है।
पहले खुद को करें भुगतान
पहली तनख्वाह मिलने से वित्तीय स्वतंत्रता का एक फैक्टर जुड़ा होता है। मुझे लगता है कि व्यक्ति को इसका एक बड़ा हिस्सा अपनी इच्छा अनुसार खर्च करना चाहिए। इस तरह, लंबे समय से दबी हुई आपकी कोई भी इच्छा पूरी हो जाएगी। इस खर्च में कोई अपराध बोध भी नहीं होना चाहिए।
समझें...आपको क्या मिलता है
हर कंपनी का सैलरी स्ट्रक्चर अलग होता है। यह समझना अच्छा होगा कि आपको अपने पैकेज में वास्तव में क्या मिलता है। यह आपको टैक्स में कटौती और प्राप्त ग्रॉस-नेट आय के बीच के अंतर से भी परिचित कराएगा। जब आप इसे समझ लेंगे, तो टैक्स की योजना बनाने में सक्षम होंगे और भविष्य के लिए बचत एवं निवेश करने के तरीकों पर भी काम करेंगे।
बजट और खर्च के बारे में भी जानें
अगर आप माता-पिता के साथ रह रहे हैं, तो संभावना है कि घर के खर्चे वही संभाल रहे होंगे। ये समझें कि घर के खर्चे किस तरह के हैं और आप अकेले रहते तो कितने पैसों की जरूरत होती। एक बार जब आप यह जान लेंगे, तो कुछ खर्चों के लिए भुगतान खुद ही कर सकते हैं। इस तरह, घर के खर्चों में आपकी भागीदारी होगी और यह भी समझ पाएंगे कि घर चलाने में कितना खर्च आता है।
वित्तीय लक्ष्य का करें निर्धारण
अगर आपने शिक्षा कर्ज लिया है तो इसे तुरंत चुकाना शुरू कर दें। कर्ज मुक्त रहने की आदत आपको बहुत आगे ले जा सकती है। कर्ज भुगतान में देरी आपके भविष्य में होने वाले खर्चों को प्रभावित करेगी। कर्ज चुकाने के बाद अपने लिए घर खरीदने और सेवानिवृत्ति से जुड़े वित्तीय लक्ष्य भी निर्धारित करें।
समय के साथ बढ़ाते रहें निवेश
वेतन का 10-15 फीसदी बचाएं और निवेश की आदत डालें। सुनिश्चित करें कि इस निवेश का इस्तेमाल लंबी अवधि के लिए कर रहे हैं। साल बीतने के साथ निवेश बढ़ाते जाएं क्योंकि चक्रवृद्धि ब्याज से मदद मिलेगी और नियमित निवेश की आदत भी बनेगी।
कर्ज बनाम निवेश
आज हर वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्ज उपलब्ध है। हालांकि, इन पर लागत आती है। लेकिन, कुछ ऐसे कर्ज हैं जो वित्तीय रूप से स्मार्ट हैं। जैसे घर खरीदने या शिक्षा के लिए कर्ज लेना। लेकिन, नया फोन खरीदने या छुट्टी मनाने के लिए उधार लेना अच्छा विचार नहीं है। इसका कारण यह है कि कर्ज आपको तुरंत संतुष्टि देता है, लेकिन इसमें ब्याज शामिल होता है, जो उधार लेने में लगी लागत को वस्तुओं और सेवाओं की वास्तविक कीमत से बहुत अधिक बना देता है। निवेश लंबे समय में पैसा बनाने और उसे सहेजने का अवसर देता है। इसे समय के साथ सीखना चाहिए। भविष्य को आर्थिक रूप से तनावमुक्त बनाने के लिए अच्छी तरह से निवेश करना शुरू करें।