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कपड़ा कारोबार पर 500 करोड़ का 'लॉकडाउन', सहालग गुजरा अब ईद पर व्यापार की आस
Sat, 02 May 2020 12:22 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 02 May 2020 12:22 AM IST
सार
5000 हैं प्रतिष्ठान हैं शहर भर में
1000 करोड़ रुपये का टर्नओवर
20,000 लोगों को मिलता रोजगार
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कपड़ा बाजार (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
लॉकडाउन के दौरान ताजनगरी में 500 करोड़ रुपये का कपड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है। भारी मात्रा में स्टॉक दुकान और गोदाम में रखा हुआ है। रेडीमेड या अन्य, सभी तरह का कारोबार ठप पड़ा है। नुकसान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कपड़ा कारोबार का ये प्रमुख सीजन कहलाता है।
शहरी, देहाती सहालग और ईद के लिए जबरदस्त खरीदारी होती है। बिक्री के लिए बाजार तैयार होने लगता है। मार्च के पहले पखवाड़े में भी यही हुआ। स्टॉक भरकर रख लिया गया। इसके बाद पहले जनता कर्फ्यू और बाद में लॉकडाउन ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सारा व्यापार ठप
सहालग और ईद की तैयारी को लेकर कारोबारियों ने औसतन 500 करोड़ रुपये का स्टॉक भर लिया था। मगर, सारा व्यापार ठप हो गया। -टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन
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शहरी, देहाती सहालग और ईद के लिए जबरदस्त खरीदारी होती है। बिक्री के लिए बाजार तैयार होने लगता है। मार्च के पहले पखवाड़े में भी यही हुआ। स्टॉक भरकर रख लिया गया। इसके बाद पहले जनता कर्फ्यू और बाद में लॉकडाउन ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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सारा व्यापार ठप
सहालग और ईद की तैयारी को लेकर कारोबारियों ने औसतन 500 करोड़ रुपये का स्टॉक भर लिया था। मगर, सारा व्यापार ठप हो गया। -टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन
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पीक सीजन ही ठंडा
यह व्यापार के लिए पीक सीजन होता है। अप्रैल, मई और जून प्रमुख होते हैं। मगर, यही सीजन ठंडा है। सब हाथ से चला गया। -संजय अग्रवाल, महामंत्री।
स्टॉक भरा पड़ा है
पहली बार ऐसे हालात बनते देखे हैं। स्टॉक मंगवाकर रख लिया गया और प्रतिष्ठान बंद पड़े हैं। -ताराचंद गोयल, कोषाध्यक्ष।
व्यवस्था में समय लगेगा
लॉकडाउन अगर खुल भी जाता है, तो एकदम से पटरी पर व्यवस्था नहीं आएगी। इसमें अभी समय लगेगा। -महेश चंद, कारोबारी।
यह व्यापार के लिए पीक सीजन होता है। अप्रैल, मई और जून प्रमुख होते हैं। मगर, यही सीजन ठंडा है। सब हाथ से चला गया। -संजय अग्रवाल, महामंत्री।
स्टॉक भरा पड़ा है
पहली बार ऐसे हालात बनते देखे हैं। स्टॉक मंगवाकर रख लिया गया और प्रतिष्ठान बंद पड़े हैं। -ताराचंद गोयल, कोषाध्यक्ष।
व्यवस्था में समय लगेगा
लॉकडाउन अगर खुल भी जाता है, तो एकदम से पटरी पर व्यवस्था नहीं आएगी। इसमें अभी समय लगेगा। -महेश चंद, कारोबारी।