{"_id":"593e97701126f4c70b8b4908","slug":"inflation-rate-lowers-down-to-2-18-per-cent-in-may-lowest-since-2012","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरीः पांच साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंची महंगाई दर ","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
खुशखबरीः पांच साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंची महंगाई दर
amarujala.com- Presented by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 12 Jun 2017 07:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी के लिए खुशखबरी है। जहां चढ़ते पारे से लोग बेहाल हैं वहीं महंगाई दर गिरने से आम आदमी को राहत मिल सकती है।देश की महंगाई दर बीते पांच साल में अपने सबसे निचले स्तर पर जा पहुंची है।
मई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सी.पी.आई.) पर आधारित रिटेल महंगाई घटकर 2.18 फीसदी पर आ गई, जबकि अप्रैल में यह 2.99 फीसदी के स्तर पर रही थी। बताया जा रहा है कि रिटेल महंगाई ने एक बार फिर राहत दी है।
आईआईपी ग्रोथ 3.1% बढ़ी
खबर है कि आई.आई.पी. के आकलन का बेस ईयर बदलने के बाद इंडस्ट्री की ग्रोथ में लगातार दूसरे महीने बढ़ौतरी देखने को मिली है। अप्रैल में भी आई.आई.पी. ग्रोथ में अच्छी बढ़त नजर आई है। अप्रैल में आई.आई.पी. ग्रोथ बढ़कर 3.1 फीसदी रही है। मार्च में आई.आई.पी. ग्रोथ 2.7 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
सीएसओ की भी समीक्षा में आईआईपी ग्रोथ मार्च में 3.75 प्रतिशत से उपर हुआ जो कि पिछले माह 2.7 प्रतिशत था। सीएसओ के आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले राहत महसूस की गई है।
वहीं, 25 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर पोल के मुताबिक कंस्यूमर प्राइस ने आंकलन किया था कि मई में मंहगाई दर पिछले साल के मुकाबले 2.60 तक बढ़ने वाली है। इसी राहत के चलते आरबीआई पर ब्याज दरों को कम करने का भी दवाब आ गया है।
येस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री शुबादा राउ ने कहा कि, ' खाद्य पदार्थों में आई मंहगाई दर में ये गिरावट चौकाने वाली है जो कि आरबीआई द्वारा की गई कटौती को अगस्त में हमारी मंहगाई को लेकर दी गई राय का दोहराता है।
बता दें कि औद्योगिक आउटपुट की नई श्रृंखला अप्रैल में 3.1 प्रतिशत बढ़ी जो कि मार्च में 2.7 प्रतिशत थी। वहीं, सरकारी मौसम विभाग का कहना है कि समय से पहले मानसून आ गया है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी नहीं है जबकि भारत की दो तिहाई जनसंख्या खेती पर निर्भर है। मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर तक का मौसम ज्याद खाद्य पदार्थ, गेहूं उत्पादन के लिए अच्छा रहने वाला है।
आरबीआर्ई के अऩुमान से भी यह बात सामने आई थी कि पहली तिमाही में मंहगाई दर 2.5 से 3.5 तक रहेगी जबकि ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंहगाई दर और भी कम हुई है। ऐसे में जोखिम की स्थिति से राहत की सांस मिली है। वहीं, आरबीआई को उम्मीद है कि जीएसटी बिल के पास होने से मंहगाई और भी कम होगी।
विज्ञापन
मई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सी.पी.आई.) पर आधारित रिटेल महंगाई घटकर 2.18 फीसदी पर आ गई, जबकि अप्रैल में यह 2.99 फीसदी के स्तर पर रही थी। बताया जा रहा है कि रिटेल महंगाई ने एक बार फिर राहत दी है।
विज्ञापन
आईआईपी ग्रोथ 3.1% बढ़ी
खबर है कि आई.आई.पी. के आकलन का बेस ईयर बदलने के बाद इंडस्ट्री की ग्रोथ में लगातार दूसरे महीने बढ़ौतरी देखने को मिली है। अप्रैल में भी आई.आई.पी. ग्रोथ में अच्छी बढ़त नजर आई है। अप्रैल में आई.आई.पी. ग्रोथ बढ़कर 3.1 फीसदी रही है। मार्च में आई.आई.पी. ग्रोथ 2.7 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
सीएसओ की भी समीक्षा में आईआईपी ग्रोथ मार्च में 3.75 प्रतिशत से उपर हुआ जो कि पिछले माह 2.7 प्रतिशत था। सीएसओ के आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले राहत महसूस की गई है।
वहीं, 25 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर पोल के मुताबिक कंस्यूमर प्राइस ने आंकलन किया था कि मई में मंहगाई दर पिछले साल के मुकाबले 2.60 तक बढ़ने वाली है। इसी राहत के चलते आरबीआई पर ब्याज दरों को कम करने का भी दवाब आ गया है।
येस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री शुबादा राउ ने कहा कि, ' खाद्य पदार्थों में आई मंहगाई दर में ये गिरावट चौकाने वाली है जो कि आरबीआई द्वारा की गई कटौती को अगस्त में हमारी मंहगाई को लेकर दी गई राय का दोहराता है।
बता दें कि औद्योगिक आउटपुट की नई श्रृंखला अप्रैल में 3.1 प्रतिशत बढ़ी जो कि मार्च में 2.7 प्रतिशत थी। वहीं, सरकारी मौसम विभाग का कहना है कि समय से पहले मानसून आ गया है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी नहीं है जबकि भारत की दो तिहाई जनसंख्या खेती पर निर्भर है। मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर तक का मौसम ज्याद खाद्य पदार्थ, गेहूं उत्पादन के लिए अच्छा रहने वाला है।
आरबीआर्ई के अऩुमान से भी यह बात सामने आई थी कि पहली तिमाही में मंहगाई दर 2.5 से 3.5 तक रहेगी जबकि ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंहगाई दर और भी कम हुई है। ऐसे में जोखिम की स्थिति से राहत की सांस मिली है। वहीं, आरबीआई को उम्मीद है कि जीएसटी बिल के पास होने से मंहगाई और भी कम होगी।