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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दवा के निर्यात पर लगी रोक भारत ने हटाई
Fri, 12 Jun 2020 05:41 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 12 Jun 2020 05:41 AM IST
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन
- फोटो : social media
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भारत ने मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) के निर्यात पर लगी रोक हटा ली है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दवा को कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में ‘गेम चेंजर’ बताया था। इस दवा का दुनियाभर में ट्रायल चल रहा है।
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गौड़ा ने बुधवार देर रात ट्वीट किया कि केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग के तहत आने वाले फार्मास्युटिकल विभाग ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडियंट्स (एपीआई) और उसके फॉर्मूलेशन के निर्यात पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए लिए सहमति दे दी है।
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गौड़ा के मुताबिक, इसके निर्यात से जुड़ी एसईजेड (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) और ईओयू (एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट) को छोड़कर उत्पादकों को घरेलू बाजार में कुल उत्पादन का 20 फीसदी आपूर्ति करना होगा। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए कहा गया है।
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दुनिया भर में जेनेरिक दवाओं के अग्रणी निर्यातक भारत ने मार्च इस दवा और इसके फॉर्मूलेशन के निर्यात पर रोक लगा दी थी लेकिन अप्रैल में प्रतिबंधों पर थोड़ी राहत देते हुए 5 करोड़ टैबलेट अमेरिका को भेजी गई थीं। आईपीसीए लैबोरेटरीज और कैडिला हेल्थकेयर इस दवा का निर्माण करने वाली दो प्रमुख भारतीय कंपनियां हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एचसीक्यू के क्लीनिकल ट्रायल पर रोक लगाने का सुझाव दिया था लेकिन उसके इस फैसले का भारतीय विशेषज्ञों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के इसके ट्रायल को मंजूरी दे दी।