फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   gst council to meet on 18 january, will discuss petrol diesel to bring under its ambit

18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक, डीजल-पेट्रोल को लेकर हो सकता है अहम फैसला

Tue, 16 Jan 2018 02:58 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 16 Jan 2018 02:58 PM IST
विज्ञापन
gst council to meet on 18 january, will discuss petrol diesel to bring under its ambit
petrol
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आगामी 18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की एक अहम बैठक होने जा रही है। देश भर में पेट्रोल और डीजल के रेट अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे सरकार को काफी मुश्किल हो रही है। मुंबई में पेट्रोल 80 के करीब तो हैदराबाद में डीजल की कीमत 67 के पार चली गई है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि इन पर लगने वाले टैक्स को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। 
विज्ञापन


वैट घटाने को राजी नहीं राज्य सरकार
केंद्र सरकार अक्टूबर के बाद से राज्य सरकारों से अपील कर चुकी है कि वो पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट व एक्साइज को घटा दें। लेकिन राज्य सरकारें इस पर राजी नहीं हुई हैं। 
विज्ञापन


पेट्रोलियम मंत्रालय कर रहा कोशिश
पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना बेहद जरूरी है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो जीएसटी के साथ सेस भी लग सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इन राज्यों में लग सकता है एक समान सेस
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड और चंडीगढ़ एक-समान सेस लगा सकते हैं ताकि, इन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक रहें। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती कीमतों के चलते पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना एक बेहतर विकल्प है।

इन 4 कारणों से बढ़ रहे हैं दाम

gst council to meet on 18 january, will discuss petrol diesel to bring under its ambit

-- तेल कंपनियों के अनुसार 12 दिसंबर 2017 के बाद तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उस दिन डीजल की कीमत 58.34 रुपये लीटर थी। पिछले एक महीने में इसमें 3.40 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इस दौरान पेट्रोल के दाम 2.09 रुपये लीटर बढ़े हैं।

--  वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के व्यापार के दो प्रमुख मानकों ब्रेंट तथा वेस्ट टेक्सास इंटीमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में दिसंबर 2014 के बाद काफी तेजी आयी है। पिछले सप्ताह ब्रेंट 70.05 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गया जबकि डब्ल्यूटीआई 64.77 डालर पर पहुंच गया था।

-- कच्चे तेल के दाम में वृद्धि के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने शुरू हो गये हैं। इस स्थिति को देखते हुये सरकार से आम लोगों को राहत देने के लिये उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग फिर से की जाने लगी है।

-- भाजपा नीत राजग सरकार ने अपने कार्यकाल में उत्पाद शुल्क में एक बार कटौती की है। अक्तूबर 2017 में जब दिल्ली में पेट्रोल का दाम 70.88 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 59.14 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था, सरकार ने उत्पाद शुल्क में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed