अप्रैल में रिकॉर्ड घटा जीएसटी संग्रह, लॉकडाउन के कारण कारोबारी गतिविधियां ठप
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लॉकडाउन के कारण कारोबारी गतिविधियां ठप होने से अप्रैल में जीएसटी संग्रह में रिकॉर्ड घटकर 28,309 करोड़ रहा। अप्रैल, 2019 में यह 1.13 लाख करोड़ रहा था, जबकि इस साल मार्च में यह आंकड़ा 97,597 करोड़ रहा था। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, जीएसटी संग्रह के आंकड़े चिंताजनक हैं।
इसका कारण ई-वे बिल में कमी भी है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही कोविड-19 के कारण आर्थिक गतिविधियां धीमी होने लगी थीं। मई और जून में संग्रह में गिरावट रह सकती है क्योंकि लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होंगी। हालांकि, सरकार ने मार्च के लिए रिटर्न फाइल की अंतिम तारीख 5 मई तक बढ़ा दी है, जिससे कर संग्रह में राहत मिल सकती है।
ई-वे बिल में भारी गिरावट...
ई-वे बिल में अप्रैल में 80 फीसदी तक की गिरावट आई है, जिसमें मार्च में 30 फीसदी की कमी देखने को मिली थी। 1 अप्रैल से 27 अप्रैल, 2020 के बीच जीएसटी नेटवर्क और व्यापार से 67.47 लाख ई-वे बिल जेनरेट किए गए। यह मार्च में जेनरेट 4.06 करोड़ ई-वे बिल का महज 17 फीसदी है। एक से दूसरे राज्य में 50,000 रुपये से अधिक के माल ढुलाई पर ई-वे बिल की जरूरत होती है।