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आईआरसीटीसी में 20 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, ऑफर फॉर सेल के जरिये होगी पूरी बिक्री
Wed, 09 Sep 2020 12:54 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:54 AM IST
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सरकार आईआरसीटीसी में 15-20 हिस्सेदारी बेच सकती है। निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने मंगलवार को कहा कि ऑफर फॉर सेल के जरिये बिक्री प्रक्रिया पूरी होगी और भुगतान कम से कम किस्तों में किया जाएगा।
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दीपम ने बिक्री प्रक्रिया के प्रबंधन के लिए 10 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। विभाग ने बताया कि 4 सितंबर को हुई बैठक में बिक्री के लिए पेश की जाने वाली हिस्सेदारी पर अंतिम फैसला नहीं हो सका, लेकिन यह 15-20 फीसदी तक हो सकती है। हिस्सेदारी का खुलासा बिक्री प्रबंधन फर्म का नाम तय होने के बाद किया जाएगा।
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आईआरसीटीसी में सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी 87.40 फीसदी है, जिसे सेबी के नियम के तहत घटाकर 75 फीसदी से नीचे लाने की योजना है। दीपम ने कहा कि हिस्सेदारी खरीदने वाली कंपनी या समूह को पूरा भुगतान कम से कम किस्तों में करना होगा।
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यह बिक्री सरकार के 2.10 लाख करोड़ की विनिवेश योजना का हिस्सा होगी। योजना के तहत सार्वजनिक इकाइयों की बिक्री से 1.20 लाख करोड़ और वित्तीय संस्थानों में बिक्री से 90 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी है।
आरपीएफ ने पकड़े चालीस अपराधी, सॉफ्टवेयर लगाते थे सेंध
रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली शुरू क्या हुई इसमें सेंध लगाने वाले भी सक्रिय हो गए। रेलवे सुरक्षा बल ने एक ऐसा ही गैंग पकड़ा है जो एक सॉफ्टवेयर की सहायता से रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली में सेंध लगाते थे और दलाल सारा कंफर्म हथिया लेते थे।
रेलवे ने बताया कि इस गैंग का नाम मैंगो है और रियल मैंगो नाम के सॉफ्टवेयर से अपना काम कर रहे थे। इस गैंग का कारोबार उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चल रहा था और ये रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली के वी3 और वी2 कैप्चा को बायपास कर रहा था।
यही नहीं इस ऐप की मदद से बैंक के ओटीपी को सिंक्रोनाइज करता था और ऑटोमैटिकली फीड कर देता था। सॉफ्टवेयर रेलवे के सर्वर में यात्रियों के नाम और उम्र के साथ पेमेंट डिटेल भी ऑटोमैटिक तरीके से भर रहा था।