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अब विदेश से यह सामान मंगवाना बच्चों का खेल नहीं, सरकार ने कड़े किए नियम

Wed, 13 Sep 2017 10:13 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Wed, 13 Sep 2017 10:13 AM IST
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Government tightens norms for importing toys, will be a setback for china
toys

अब विदेश से खिलौने इंपोर्ट करना बच्चों का खेल नहीं रह गया है। सरकार ने ऐसे खिलौनों के लिए क्वालिटी नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि चीनी खिलौनों के आयात को कम करके देशी खिलौना उत्पादकों को बढ़ावा दिया जाए। 

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1 सितंबर को जारी किये नए नियम
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की तरफ से 1 सितंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, केवल वो ही खिलौने अब इंपोर्ट हो सकेंगे जो भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के तय मानकों पर खरे उतरेंगे। 
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इन खिलौनों पर हुई सख्ती 
जिन खिलौनों के इंपोर्ट पर सख्ती की गई है उनमें इलेक्ट्रिक टॉय, स्लाइड्स, झूले और एक्टिविटी वाले टॉयज शामिल किए गए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार खिलौनों की फीजिकल व मेकेनिकल प्रॉपर्टी, केमिकल कांटेट, ज्वलनशीलता और टेस्टिंग पर नए मानक तय किए गए हैं।
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जो भी खिलौना इन मानकों पर खरा उतरेगा, केवल उसी को देश भर में बेचने की अनुमति प्रदान की जाएगी। कंपनियों या फिर इंपोर्टर को ऐसे खिलौनों के लिए स्वतंत्र लैबोट्ररी से सर्टिफिकेट भी लेना होगा। 

चीनी खिलौनों पर लगेगी लगाम
देश में इस वक्त 70 फीसदी से अधिक खिलौने चीन से इंपोर्ट होते हैं। सरकार को इन पर कस्टम ड्यूटी भी मिलती थी। लेकिन सरकार बच्चों की सेहत से किसी तरह का समझौता नहीं कर सकती है।


हालांकि फेस्टिव सीजन के शुरू होने से पहले सरकार के इस कदम से खिलौना बेचने वालों में मायूसी छा गई है। ज्यादतर दुकानदारों ने चीन से खिलौने मंगाने का ऑर्डर दे रखा है, जिसकी कीमत 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है।  

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