एक जुलाई से बढ़ेगा एमएसएमई का दायरा, कारोबार में आएगी तेजी
- कोविड-19 महामारी से प्रभावित हुआ है सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग
- ईसीएलजीएस के तहत 10,361.75 करोड़ के कर्ज मंजूर
- सरकारी बैंकों ने एमएसएमई को दिए 3,893 करोड़ रुपये के कर्ज
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सरकारी बैंकों ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र को इस महीने के पहले दो दिन में तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकीलान ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 3,892.78 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। इसके अलावा, सरकारी बैंकों ने 1 जून, 2020 से 100 फीसदी ईसीएलजीएस के तहत 10,361.75 करोड़ के कर्ज को मंजूरी दी है।
यह योजना मई में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का सबसे बड़ा राजकोषीय घटक है। वित्तमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, सरकारी बैंकों ने 100 फीसदी आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किए हैं। इसमें 3,892.78 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
कर्ज की 100 फीसदी गारंटी लेगी सरकार
वित्तीय सेवा विभाग ने एक ट्वीट में कहा, एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सरकार उनके विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 21 मई को एमएसएमई क्षेत्र के लिए ईसीएलजीएस के तहत 9.25 फीसदी की रियायती दर पर तीन लाख करोड़ तक के अतिरिक्त वित्तपोषण को मंजूरी दी थी।
योजना के तहत दिए जाने वाले कर्ज की 100 फीसदी गारंटी नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) लेगी। सरकार इस कंपनी को मौजूदा और अगले तीन साल के लिए 41,600 करोड़ रुपये का फंड मुहैया कराएगी।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में 53,248 करोड़ की मदद
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत करीब 42 करोड़ गरीबों को 53,248 करोड़ की वित्तीय मदद दी गई है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत सरकार ने निशुल्क अनाज, महिलाओं को नकदी एवं गरीब बुजुर्गों और किसानों को नकदी हस्तांतरित करने की घोषणा की थी।
केंद्र और राज्य दोनों पैकेज के त्वरित क्रियान्वयन पर निगाह रखे हुए हैं। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि 8.19 करोड़ लाभार्थियों को पीएम किसान योजना की पहली किस्त के भुगतान के लिए 16,394 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
महिला जनधन खाताधारकों को 20,344 करोड़
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 20.05 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में पहली किस्त के भुगतान के लिए 10,029 करोड़ और 20.62 करोड़ महिला खाताधारकों को दूसरी किस्त के भुगतान के लिए 10,315 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 2.81 करोड़ बुजुर्गों को पेंशन के मद में 2,814.5 करोड़ दिए गए हैं।
भवन निर्माण से जुड़े 2.3 करोड़ श्रमिकों को अब तक 4,312.82 करोड़ की वित्तीय मदद दी गई है। सरकार ने 59.23 लाख कर्मचारियों के पीएफ खाते में नियोक्ता एवं कर्मचारी दोनों के हिस्से का 24 फीसदी अंशदान किया है। इस पर अब तक 895.09 करोड़ खर्च हुए हैं।