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जनवरी अंत में 12.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा
Fri, 26 Feb 2021 08:28 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 26 Feb 2021 08:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी के अंत में चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के 66.8 प्रतिशत यानी 12.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक साल पहले जनवरी अंत में राजकोषीय घाटा संशोधित बजट अनुमान के 128.5 प्रतिशत पर था। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2021 के अंत में सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी 2021 की समाप्ति पर 12,34,004 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
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चालू वित्त वर्ष के दौरान 31 मार्च तक सरकार का राजकोषीय घाटा 18.48 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 9.5 फीसदी रहने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन लगाया गया जिसका कारोबारी गतिविधियों पर गहरा प्रभाव पड़ा और परिणामस्वरूप सरकार की राजस्व प्राप्ति भी कम रही।
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सीजीए के अनुसार जनवरी 2021 तक सरकार को 12.83 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला। यह राशि 2020-21 के संशोधित बजट अनुमान का 80 फीसदी है। इसमें 11.01 लाख करोड़ रुपये कर राजस्व के शामिल हैं। वहीं इस दौरान कर प्राप्ति 2020-21 के बजट अनुमान की 82 फीसदी रही। इससे पिछले साल इसी अवधि में यह प्राप्ति 66.3 फीसदी थी। गैर-कर राजस्व संशोधित अनुमान से 67 फीसदी रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह 73 फीसदी थी।
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सीजीए के मुताबिक आलोच्य अवधि में कुल खर्च 25.17 फीसदी रहा जो कि संशोधित अनुमान का 73 फीसदी है। वहीं, एक साल पहले इस दौरान कुल व्यय संशोधित अनुमान का 84.1 फीसदी था। फरवरी 2020 के बजट में राजकोषीय घाटा 7.96 लाख करोड़ रुपये यानी जीडीपी का 3.5 फीसदी अनुमानित था। लेकिन, संशोधित अनुमान में इसे 9.5 फीसदी (18 लाख 48 हजार 655 करोड़ रुपये) कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि कोविड- 19 महामारी और लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियां तो बंद रहीं लेकिन महामारी पर काबू पाने के लिये चिकित्सा सुविधाओं और बीमारों के इलाज पर खर्च तेजी से बढ़ा है। 2019- 20 में राजकोषीय घाटा 4.6 फीसदी तक पहुंच गया था जो कि पिछले सात साल का उच्चतम घाटा रहा।