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इन सरकारी बैंकों का हुआ विलय, मर्जर के बाद आप की जिंदगी पर पड़ेगा ऐसा असर

Fri, 30 Aug 2019 05:53 PM IST
Harendra Chaudhary बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 30 Aug 2019 05:53 PM IST
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Finance minister announced biggest merger of Public sector Banks, Know how this will impact to you
nirmala sitharaman - फोटो : PTI

केंद्र सरकार ने मंदी से निपटने के लिए शुक्रवार को बड़ा एलान करते हुए देश के 18 बैंकों में से छह सरकारी बैंकों को विलय कर दिया। इन 18 सरकारी बैंकों में से 14 बैंक मुनाफे में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े सरकारी बैंक बनाने का एलान किया है। 2017 में देश में 27 सरकारी बैंक थे जिनकी संख्या इस विलय के बाद घटकर सिर्फ 12 रह जाएगी।

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इन बैंकों का हुआ विलय

पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। ये दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा, जो पीएनबी से 1.5 गुना बड़ा होगा। वहीं केनरा बैंक का विलय सिंडिकेट बैंक में होगा, जो देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा। जबकि इंडियन बैंक का विलय इलाहाबाद में बैंक में किया गया है। इसके अलावा यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय होगा, जो देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा।

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बैंक 1: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया+कॉरपोरेशन बैंक+आंध्रा बैंक
बैंक 2: इंडियन बैंक+इलाहाबाद बैंक
बैंक 3: यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया+ओरियंटल बैंक ऑफ इंडिया+पंजाब नेशनल बैंक
बैंक 4: केनरा बैंक+सिंडिकेट बैंक

नहीं छिनेगा रोजगार

इससे पहले सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों का भी विलय किया था। जिन बैंकों का विलय भारतीय स्टेट बैंक में हुआ था, उनके नाम इस प्रकार हैंः

  • स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एवं जयपुर
  • स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
  • स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर
  • दो नॉन-लिस्टेड
  • बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
  • स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद
  • भारतीय महिला बैंक (बीएमबी)

शुक्रवार को विलय का एलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक के विलय का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मर्जर से कई अच्छी चीजें हुई हैं और इसके बाद किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाला गया।

आप पर पड़ेगा यह असर

इस विलय के बाद ग्राहकों को नई खाता संख्या और कस्टमर आईडी भी मिल सकता है। साथ ही जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड जारी होंगे, उन्हें इनकी जानकारी आयकर विभाग, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और दूसरी सरकारी योजनाओं में अपडेट करानी होंगी। जिन ग्राहकों की SIP या लोन ईएमआई चल रही है, उन्हें नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है।

लोन की ब्याज दरों में नहीं होगा बदलाव

इसके अलावा नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी जारी हो सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा। जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिए गए हैं, वह स्थिर रहेगी और कोई बदलाव नहीं होगा। विलय के बाद कुछ शाखाएं बंद होंगी, जिसके लिए ग्राहकों को नई शाखाओं में जाना पड़ेगा।

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