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GST: एसी रेस्टोरेंट में देना होगा केवल इतना टैक्स, छोटे कारोबारियों को भी मिलेगी बड़ी राहत

Mon, 30 Oct 2017 10:20 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Mon, 30 Oct 2017 10:20 AM IST
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eating in ac restaurant set to be cheaper as panel suggests flat 12 percent gst

एसी रेस्टोरेंट में खाना खाने वालों को अब ज्यादा जीएसटी नहीं देना पड़ेगा। इसके साथ ही छोटे कारोबारियों को जल्द ही टैक्स में राहत मिलने वाली है। राज्यों के वित्त मंत्रियों के एक पैनल ने जीएसटी काउंसिल से सिफारिश की है कि रेस्टोरेंट की दरों को सामान किया जाए। 

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सभी रेस्टोरेंट में लगेगा एक समान जीएसटी
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पांच राज्यों के वित्तमंत्रियों के पैनल ने सिफारिश की है कि सभी प्रकार के रेस्टोरेंट में एक समान जीएसटी लगाया जाए और इसे 12 फीसदी के स्लैब पर फिक्स किया जाए।
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अभी एसी रेस्टोरेंट में खाने के बिल पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। वहीं नॉन एसी रेस्टोरेंट में 12 फीसदी जीएसटी लगता है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर राज्य एसी रेस्टोरेंट पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी करने के पक्ष में हैं। इस पर नवंबर में जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंतिम फैसला संभव है। 

नहीं मिलेगा इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा
नवंबर के बाद से एसी रेस्टोरेंट मालिकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी नहीं मिलेगा। इसका नाम लेकर भी रेस्टोरेंट मालिक ग्राहकों की जेब लूट रहे थे। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस सेगमेंट में ही सबसे ज्यादा बेनेफिट कस्टमर को नहीं मिल रहा है। 

छोटे कारोबारियों को देना होगा 1 फीसदी टैक्स

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जिन कारोबारियों का वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रुपये से लेकर के 1 करोड़ रुपये तक का है, उनको केवल 1 फीसदी टैक्स देने की सिफारिश भी पैनल ने की है। इसके अलावा ऐसे कारोबारियों को रिटर्न भी हर तीन महीने के बाद भरना होगा

ये आ रही है परेशानी
सूत्रों के मुताबिक, छोटे कारोबारियों को जीएसटी के लागू होने के बाद से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभी ऐसे कारोबारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम 1.5 करोड़ रुपये है। वहीं ऐसे कारोबारी अपने तैयार माल को दूसरे राज्यों में बेचता है तो उसे किसी प्रकार की छूट का लाभ नहीं मिलता है। 

मुरैना से धौलपुर में सामान बेचना मुश्किल
आरएसएस से जुड़े संगठन लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष ओम प्रकाश मित्तल ने कहा कि जीएसटी के चलते मध्य प्रदेश के मुरैना का कारोबारी अपना सामान कुछ किलोमीटर दूर राजस्थान के धौलपुर जिले में नहीं बेच सकता है। यह हाल अकेले यहां का नहीं है बल्कि पूरे देश में मौजूद छोटे कारोबारियों का है। 

बड़े और छोटे कारोबारियों पर लगने वाला टैक्स भी समान
छोटे कारोबारियों पर जो टैक्स लगता है वो बड़ी कंपनियों जितना ही लगता है। उदाहरण के तौर पर गोदरेज कंपनी जो ताले बनाकर बेचती है उस पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। इतना ही टैक्स यूपी के अलीगढ़ में ताले बनाने वाले कारोबारी देते हैं। जहां गोदरेज फ्रेश बने लोहे का प्रयोग करता है, वहीं अलीगढ़ के कारोबारी कबाड़ में बेचे गए लोहे का प्रयोग करते हैं। 

आरएसएस नेताओं ने की वित्त मंत्री से बात
आरएसएस के कारोबारी संगठन से जुड़े नेताओं ने इस संबंध में भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली व पीयूष गोयल से मुलाकात करके छोटे कारोबारियों को राहत देने की अपील भी की है।

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