{"_id":"5d3509bc8ebc3e6cb12e9cf0","slug":"due-to-the-strengthening-of-the-rupee-and-sluggish-growth-rate-inflation-will-come-down","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुपये की मजबूती और सुस्त विकास दर से महंगाई में आएगी गिरावट","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
रुपये की मजबूती और सुस्त विकास दर से महंगाई में आएगी गिरावट
Mon, 22 Jul 2019 06:26 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 22 Jul 2019 06:26 AM IST
विज्ञापन
gdp
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की महंगाई दर के अनुमान को घटाकर 4.1 फीसदी कर दिया है। एडीबी का कहना है कि घरेलू मुद्रा में आ रही मजबूती और विकास दर में सुस्ती की वजह से महंगाई में गिरावट आएगी। इससे पहले एडीबी ने भारत के विकास दर अनुमान में भी कटौती की थी।
एशियाई विकास परिदृश्य-2019 नाम से जारी रिपोर्ट में एडीबी ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भारत सबसे कम महंगाई दर का सामना करेगा। एडीबी ने चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशियाई क्षेत्र की महंगाई दर अनुमान को 4.7 फीसदी से घटाकर 4.5 फीसदी कर दिया है।
वहीं, भारत की महंगाई दर अनुमान को 4.30 फीसदी से घटाकर 4.10 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एशियाई विकास बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान पर भी कैंची चलाई थी। इसे अप्रैल के अनुमान 7.20 फीसदी से घटाकर 2019-20 के लिए 7 फीसदी कर दिया था। रिपोर्ट में अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की महंगाई दर 4.40 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
विज्ञापन
खाद्य कीमतों से मिलेगी राहत
एडीबी ने रिपोर्ट में बताया कि खाद्य महंगाई के अनुमान से भी नीचे जाने और अक्तूबर 2018 के बाद से रुपये में आ रही मजबूती से भारत को महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस दौरान क्रूड की कीमतों में घरेलू और वैश्विक कारणों की वजह से उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
इसके असर से कुछ विकासशील एशियाई देशों में महंगाई दर ऊपर जा सकती है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए खुदरा महंगाई की अनुमानित दर 3.4 से 3.7 फीसदी के बीच रखी है।
विज्ञापन
एशियाई विकास परिदृश्य-2019 नाम से जारी रिपोर्ट में एडीबी ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भारत सबसे कम महंगाई दर का सामना करेगा। एडीबी ने चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशियाई क्षेत्र की महंगाई दर अनुमान को 4.7 फीसदी से घटाकर 4.5 फीसदी कर दिया है।
विज्ञापन
वहीं, भारत की महंगाई दर अनुमान को 4.30 फीसदी से घटाकर 4.10 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एशियाई विकास बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान पर भी कैंची चलाई थी। इसे अप्रैल के अनुमान 7.20 फीसदी से घटाकर 2019-20 के लिए 7 फीसदी कर दिया था। रिपोर्ट में अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की महंगाई दर 4.40 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
विज्ञापन
खाद्य कीमतों से मिलेगी राहत
एडीबी ने रिपोर्ट में बताया कि खाद्य महंगाई के अनुमान से भी नीचे जाने और अक्तूबर 2018 के बाद से रुपये में आ रही मजबूती से भारत को महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस दौरान क्रूड की कीमतों में घरेलू और वैश्विक कारणों की वजह से उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
इसके असर से कुछ विकासशील एशियाई देशों में महंगाई दर ऊपर जा सकती है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए खुदरा महंगाई की अनुमानित दर 3.4 से 3.7 फीसदी के बीच रखी है।