अमेजन प्राइम: कंपनी ने बंद किया मासिक सब्स्क्रिप्शन, आरबीआई की गाइडलाइन के बाद फैसला
अमेजन ने अपना मासिक प्राइम मेंबरशिप सब्सक्रिप्शन को रद्द कर दिया है। अब यूजर्स मासिक प्लान नहीं ले पाएंगे। अब अमेजन सिर्फ तीन महीने और साल भर के लिए ही प्राइम मेंबरशिप का ऑफर कर रहा है।
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अगर आप अमेजन प्राइम के मेंबर है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। दरअसल, कंपनी ने अपना मासिक प्राइम मेंबरशिप सब्सक्रिप्शन को रद्द कर दिया है। आरबीआई के नए नियम के चलते कंपनी ने यह फैसला किया। इस नियम के बाद यूजर्स मासिक प्लान नहीं ले पाएंगे। साथ ही मासिक मेंबरशिप के लिए नए मेंबर्स साइन-अप भी नहीं कर पाएंगे। अब अमेजन सिर्फ तीन महीने और साल भर के लिए ही प्राइम मेंबरशिप का ऑफर कर रहा है। बता दें कि अमेजन का एक महीने वाला प्राइम सब्सक्रिप्शन सिर्फ 129 प्रतिमाह का था, जिसे अब आरबीआई की गाइडलाइन्स के चलते हटा दिया गया है।
अमेजन प्राइम मेंबरशिप के मासिक सब्सक्रिप्शन की कीमत 129 रुपए है। इसके तीन महीने वाले सब्सक्रिप्शन की कीमत 329 रुपए और सालाना सब्सक्रिप्शन की कीमत 999 रुपए है। आरबीआई के आदेश के चलते अब 129 रुपए वाला पैक उपलब्ध नहीं होगा। यानी यूजर्स को अब 329 रुपए या 999 रुपए वाला प्लान ही लेना होगा। जो यूजर्स अभी फ्री ट्राइल का एक्सिस कर पा रहे थे उनके अकाउंट को निलंबित कर दिया है। कई यूजर्स ने यह शिकायत की थी कि उनका एक महीने वाला सब्सक्रिप्शन अचानक बंद हो गया।
गौरतलब है कि पहले इसके लिए आरबीआई ने एक अप्रैल तक समय सीमा दी थी, जिसे बढ़ाकर 30 सिंतबर तक कर दी गई। अमेजन ने अपने सपोर्ट पेज को अपडेट किया है जिसमें अब मंथली सब्सक्रिप्शन का विकल्प ही नहीं दिखाई दे रहा है।
क्या है आरबीआई का नया आदेश?
दरअसल, विभिन्न उद्योग निकायों के माध्यम से व्यापारियों ने आरबीआई और सरकार से प्रस्तावित प्रणाली को रखने का आग्रह किया, क्योंकि ऐसा माना जाता था कि यह मोबाइल, यूटिलिटी और अन्य बिलों के ऑटो-पेमेंट और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्मों के सदस्यता शुल्क को बाधित करता है। ऐसे में बैंक आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड्स पर ऑटोमेटेड पेमेंट्स के नए रिक्वेस्ट्स को प्रॉसेस नहीं कर पाएगा। ऐसे में यूजर्स को अमेजन प्राइम की तीन महीने या सालाना मेंबरशिपल लेना होगी।
आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार, 5000 तक के ट्रांजेक्शन के लिए एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी। पहले इसकी डेडलाइन अगस्त 2019 रखी गई थी, लेकिन बाद में इसे 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया। बता दें कि आरबीआई ने नए नियमों की घोषणा अगस्त 2019 में की थी और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के लिए इस साल 30 सितंबर के लिए एक विस्तारित समय सीमा निर्धारित की गई है। यह समय सीमा ग्राहकों को किसी भी असुविधा को रोकने के लिए बढ़ा दिया था।