दूरसंचार विभाग सरकारी तेल कंपनियों से नहीं वसूलेगा 2.3 लाख करोड़
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दूरसंचार विभाग ने सरकारी तेल कंपनियों गेल और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) से 2.3 लाख करोड़ की बकाया वसूली बंद कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डॉट ने दोनों कंपनियों को दिया डिमांड नोटिस भी वापस ले लिया है।
शीर्ष अदालत ने स्पेक्ट्रम और लाइसेंस शुल्क के लिए गेल से 1.83 लाख करोड़ और ओआईएल से 48,489 करोड़ की बकाया एजीआर वसूली पर दोबारा विचार करने को कहा था। इसके बाद दूरसंचार विभाग (डॉट) ने डिमांट नोटिस वापस लेकर मामले को खत्म कर दिया। गेल ने बताया कि उसे डॉट की ओर से 14 जुलाई को पत्र मिला है, जिसमें सभी तरह की बकाया मांग वाले नोटिस को वापस ले लिया गया है।
एजीआर से जुड़ा कंपनी का कोई भी बकाया दूरसंचार विभाग के पास नहीं है। ओआईएल ने भी बताया कि 13 जुलाई को ही डॉट की ओर से इस बाबत पत्र मिल गया था। इसमें 48,489.26 करोड़ की वसूली प्रक्रिया बंद किए जाने की बात थी। यह बकाया राशि 2007-08 से 2018-19 के बीच ब्याज और शुल्क मिलाकर बनी थी।
पॉवरग्रिड को भी मिली थी छूट
पॉवरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को भी दूरसंचार विभाग ने बुधवार को 13,613 करोड़ की वसूली से आजाद कर दिया था। डॉट ने 2006-18 तक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस शुल्क, ब्याज और जुर्माने के रूप में कंपनी को वसूली के लिए नोटिस भेजा था। बाद में इसे भी वापस ले लिया गया।
अगले सप्ताह वोटिंग संभव
अगले सप्ताह अमेरिका की सीनेट कमेटी एक बिल पर वोट डालने वाली है जिसके बाद सोशल मीडिया एप टिकटॉक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगने की पूरी संभावना है। बता दें कि यह बिल रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉवले द्वारा लाया गया है। टिकटॉक के कड़े आलोचक हॉवले ने इस एप को लेकर बार-बार देश की सुरक्षा पर सवाल उठाया है और यूजर के डाटा को लेकर चिंता उठाई है।