फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   DoT to take penal action against telecom companies for delay payment, Airtel, Vodafone, idea

बकाया नहीं चुकाने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर तीन दिन बाद हो सकती है कड़ी कार्रवाई

Sat, 15 Feb 2020 06:30 PM IST
अमित कुमार पीटीआई, नई दिल्ली 
पीटीआई, नई दिल्ली  Published by: अमित कुमार Updated Sat, 15 Feb 2020 06:30 PM IST
सार

दूरसंचार विभाग एजीआर बकाया नहीं चुकाने के मामले में भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया समेत कई दूरसंचार कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की तैयारी में है। 

विज्ञापन
DoT to take penal action against telecom companies for delay payment,  Airtel, Vodafone, idea

विस्तार

सूत्रों के अनुसार शनिवार को अधिकतर कार्यालयों में छुट्टी होने की वजह से दूरसंचार विभाग सोमवार शाम तक का इंतजार कर सकता है। अगर इस समय तक भी पैसा नहीं लौटाया जाता है, तो लाइसेंस नियमों के तहत जुर्माना और कड़ी कार्रवाई का नया नोटिस भेजा जाएगा। 

विज्ञापन


दूरसंचार विभाग (DoT) के एक अधिकारी ने कहा, 'डीओटी ने टेलीकॉम कंपनियों को रिमाइंडर और सजा के प्रावधान के साथ पांच नोटिस भेजे। ये नोटिस 31 अक्तूबर, 13 नवंबर, 2 दिसंबर, 20 जनवरी और अब 14 फरवरी को भेजे गए हैं।' अधिकारी ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को पैसा चुकाना ही होगा और विभाग ने उन्हें कभी भी अतिरिक्त समय नहीं दिया। अब टेलीकॉम कंपनियों कह रही हैं कि सोमवार तक वे कुछ रकम चुका देंगे, लेकिन हर देरी के साथ कार्रवाई की जाएगी।'
विज्ञापन


इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दूरसंचार विभाग ने कंपनियों को शुक्रवार रात 11.59 बजे तक बकाया चुकाने के लिए नोटिस जारी किया था। टेलीकॉम कंपनियों पर लाइसेंस शुल्क के रूप में 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में 55,054 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल मिलाकर इन कंपनियों के ऊपर केंद्र सरकार के 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दूरसंचार विभाग को आदेश की अवमानना करने पर कड़ी फटकार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने टेलीकॉम कंपनियों को 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया था। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के उस आदेश पर रोष जताया था, जिसके तहत एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगाई गई थी। दूरसंचार विभाग द्वारा 14 फरवरी को भेजे गए नोटिस के बारे में अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस आतंरिक प्रक्रियाओं लिए जारी किया गया था ताकि किसी तरह की जटिलता से बचा जाए। 


इस वजह से आधी रात का आदेश जारी किया
दूरसंचार विभाग के सूत्रों ने कहा, 'दूरसंचार विभाग ने कोई भी आदेश टेलीकॉम ऑपरेटरों को नहीं भेजा था। कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए मामले को भुगतान की अंतिम तारीख से ठीक पहले सूचीबद्ध किया। इस वजह से विभाग के पास कोर्ट के समक्ष कोई स्पष्टीकरण देने का समय नहीं मिला। इस वजह से अवमानना से बचने के लिए विभाग ने आंतरिक आदेश जारी कर दिया।'

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed