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निगरानी रडार खरीद: रक्षा मंत्रालय ने किया महिंद्रा टेलीफोनिक्स के साथ करार, बढ़ेगी ताकत

Thu, 03 Jun 2021 08:27 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 03 Jun 2021 08:27 PM IST
सार

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके और महिंद्रा टेलीफोनिक्स इंटिग्रेटेड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच हुआ अनुंबध 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' और उसमें परिकल्पित उद्देश्यों की दिशा में केंद्र सरकार की एक उपलब्धि है। मंत्रालय ने कहा कि यह करार प्रौद्योगिकी के समावेश, कौशल विकास, स्वदेशी निर्माण और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देगा।

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Defence Ministry agreement with Mahindra Telephonics to procure Airport surveillance Radar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक के लिए 11 हवाईअड्डा निगरानी रडारों की खरीद के लिए महिंद्रा टेलीफोनिक्स के साथ गुरुवार को एक करार किया। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इन रडारों को स्थापित करने से हवाई क्षेत्रों के आस-पास वायु क्षेत्र में सजगता बढ़ेगी और नौसेना व तटरक्षक बल की उड़ान परिचालनों में सुरक्षा व दक्षता में वृद्धि होगी।

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ये 11 मोनोपल्स अतिरिक्त निगरानी रडार पारंपरिक रडारों की तुलना में ज्यादा सटीक हैं जब वायु क्षेत्र के किसी खास इलाके में कई विमान पास-पास हों। रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा, '323.47 करोड़ रुपये की लागत से होने वाली यह खरीद 'खरीदें और बनाएं' श्रेणी के तहत की जाएगी।'
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उल्लेखनीय है कि रक्षा खरीद की 'खरीदें एवं बनाएं' श्रेणी के तहत, उपकरण की शुरुआती खरीद विदेशी कंपनी से की जा सकती है, जिसके बाद भारतीय कंपनी के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से उस उपकरण का स्वदेश में उत्पादन किए जाने की योजना है। बता दें कि इसमें, 'निर्दिष्ट सीमा, गहराई और संभावना' के अनुरूप महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण शामिल होता है।

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रक्षा आयात के लिए नकारात्मक सूची के विस्तार को मंजूरी

घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले अगली पीढ़ी के कार्वेट, हवाई अग्रिम चेतावनी प्रणाली, टैंक इंजन और रडार जैसे 108 सैन्य हथियारों और प्रणालियों के आयात पर प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दे दी थी। पिछले साल रक्षा आयात के लिए जारी पहली नकारात्मक सूची में 101 वस्तुएं शामिल थीं।

अधिकारियों ने बताया कि दूसरी नकारात्मक सूची में शामिल 108 वस्तुओं के आयात पर दिसंबर 2021 से दिसंबर 2025 तक प्रतिबंध रहेगा। आयात के लिए दूसरी नकारात्मक सूची को रक्षा मंत्री ने मंजूरी दी है। मंत्रालय ने दूसरी सूची सार्वजनिक क्षेत्र और निजी रक्षा विनिर्माण उद्योगों के साथ कई बार विचार-विमर्श करने के बाद तैयार की है।

इनकी खरीद अब रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020 के प्रावधानों के अनुसार स्वदेशी स्रोतों से होगी। रक्षा आयात के लिए नकारात्मक वस्तुओं की पहली सूची में आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफलें, लड़ाकू जलपोत, सोनार प्रणाली, मालवाहक विमान, हल्के लड़ाकू विमान व रडार जैसी कुछ उच्च प्रौद्योगिकी हथियार प्रणालियां शामिल थीं। 

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