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धनी कंपनियां लगा सकती हैं एयर इंडिया की बोली, केंद्र ने किया नियमों में बड़ा बदलाव

Fri, 20 Apr 2018 12:28 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Apr 2018 12:28 PM IST
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rich companies can also bid for air india, says government
Air India

एयर इंडिया में 76 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री को लेकर निवेश एवं सरकारी परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव नीरज गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि पर्याप्त वित्तीय संसाधन वाली कोई भी कंपनी जो इस एयरलाइन के संचालन में खुद को सक्षम महसूस करती हो, वह इसके लिए बोली लगा सकती है। 

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सरकार बेचने जा रही है 76 फीसदी हिस्सेदारी
केंद्र सरकार ने घाटे में चल रही एयर इंडिया में 76 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के साथ ही मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर को लेकर बोलियां आमंत्रित करने के लिए पिछले महीने एक प्रारंभिक सूचना ज्ञापन जारी किया था। 
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कर्ज में डूबी विमानन कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर एयरलाइन उद्योग के साथ-साथ कॉरपोरेट कंपनियों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। गुप्ता ने यहां एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा कि हम केवल एक एयरलाइन नहीं ढूंढ रहे, जो एयर इंडिया को खरीद सके। कोई भी कंपनी जिसके पास एयर इंडिया को खरीदने के लिए पर्याप्त कोष हो, वह इसके लिए बोली लगा सकती है।
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कंपनी के पास होनी चाहिए क्षमता
दीपम के सचिव ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बोलीदाता की वित्तीय क्षमता को मूल मापदंड रखा है। बोलीदाता के पास एयरलाइन का संचालन करने की क्षमता भी होनी चाहिए। बोली लगाने से जुड़े दस्तावेज के मुताबिक, बोलीदाता के पास न्यूनतम 5,000 करोड़ रुपये का नेटवर्थ होना चाहिए और रुचि पत्र (ईओआई) की अंतिम तिथि से पांच वित्त वर्ष पहले के तीन वित्त वर्ष में उसे कर अदा करने के बाद लाभ हुआ हो। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 14 मई है।  

देसी कंपनी के पास रहे नियंत्रण व प्रबंधन : भागवत 

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एयरलाइन का नियंत्रण तथा मालिकाना हक खोने के खिलाफ सरकार को चेतावनी देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि एयरलाइन का नियंत्रण व प्रबंधन किसी भारतीय कंपनी के पास ही रहना चाहिए। 

कंसोर्टियम भी लगा सकती है बोली
बोलियां एक कंपनी या किसी कंसोर्टियम के हिस्से के रूप में लगाई जा सकती हैं। कंसोर्टियम के साथ बैंक, वेंचर कैपिटल, वित्तीय संस्थान या कोष हो सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि अधिग्रहण में दिलचस्पी जताने वाले बोलीदाताओं द्वारा प्राप्त सवालों के बाद सरकार अपनी प्रतिक्रिया लेकर आएगी।

उन्होंने कहा कि छंटनी को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सरकार उद्योग के सबसे अच्छे नियमों का अनुसरण करेगी। केंद्र सरकार एयरलाइन में 24 फीसदी की हिस्सेदारी रखेगी। एयर इंडिया को खरीदने वाले बोलीदाता को कम से कम तीन साल तक उसे अपना निवेश बनाए रखना होगा।

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