रेमंडः पिता को साथ रखने के वादे के बीच चेयरमैन पद से इस्तीफा देंगे गौतम सिंघानिया
रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। कंपनी के संस्थापक और पिता विजयपत सिंघानिया को साथ रखने के लिए राजी करने की खबरों के बीच गौतम समूह की सभी कंपनियों से त्यागपत्र देने जा रहे हैं।
गौतम ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कंपनी के एफएमसीजी बिजनेस से पूरी तरह से किनारा कर लिया है। इसके बाद वो समूह की दो और कंपनियों में चेयरमैन का पद छोड़ेंगे। गौतम ने कहा कि वो चाहते हैं कि संस्थापक और प्रमोटर परिवार का इन सभी कंपनियों के परिचालन में हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
पिता के साथ लंबे समय से विवाद
गौतम सिंघानिया अपने पिता विजयपत सिंघानिया के साथ सभी मसलों पर बैठकर बात करना चाहते हैं। उन्होंने अपने पिता को अपने साथ रहने का भी ऑफर दिया है। गौरतलब है कि बाप-बेटे के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब पिता द्वारा बेटे को कंपनी से बेदखल करने की तैयारी की खबरों के बीच गौतम ने ऐसा करने का प्रयास किया है।
विजय सिंघानिया फिलहाल कोर्ट द्वारा 2007 में दिए गए एक फैसले को आधार बनाते हुए ऐसा करने जा रहे हैं। इस फैसले के अनुसार अगर माता-पिता ने अपनी संतान को कोई प्रॉपर्टी उपहार में दी है, लेकिन संतान अपने माता-पिता की देखभाल नहीं कर रही है तो फिर वो उपहार में दी गई प्रॉपर्टी वापस ले जा सकती है।
कंपनी ने किया था चेयरमैन पद से बर्खास्त
विजयपत सिंघानिया ने 1925 में रेमंड जैसे ब्रांड की स्थापना की थी उनको ही कंपनी ने चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया था। रेमंड के चेयरमैन रहे विजयपत सिंहानिया को इस बात की जानकारी कंपनी के द्वारा मिले एक पत्र के जरिए हुई।
दो साल से चल रहा है विवाद
विजयपत सिंहानिया और उनके बेटे गौरव सिंहानिया के बीच संपत्ति को लेकर के करीब दो सालों से विवाद चल रहा है। यह विवाद उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। हालांकि न्यायालय ने बाप-बेटों से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने के लिए कहा था।