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सरकार ने फिर बढ़ाई BPCL के लिए बोली लगाने की डेडलाइन, 30 सितंबर तक का मौका

Thu, 30 Jul 2020 11:35 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 30 Jul 2020 11:35 AM IST
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government extended last date for bidding for BPCL for third time By 30 September
बीपीसीएल - फोटो : सोशल मीडिया

सरकार ने देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के निजीकरण के लिए बोली लगाने की अंतिम तारीख दो महीने और बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। यह तीसरा मौका है जबकि सरकार ने बीपीसीएल के लिए बोली लगाने की तारीख को आगे बढ़ाया है। 

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52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की अनुमति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में सरकार को बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी थी। हालांकि, बीपीसीएल के लिए रुचि पत्र (ईओआई) या बोलियां सात मार्च को ही मांगी गईं। पहले ईओआई जमा कराने की तारीख दो मई थी, लेकिन 31 मार्च को इसे बढ़ाकर 13 जून किया गया। 26 मई को इसे बढ़ाकर 31 जुलाई किया गया। अब इसे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है। 
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सरकार के पास कंपनी के 114.91 करोड़ शेयर
निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एक नोटिस में कहा कि, 'बोली लगाने की इच्छुक इकाइयों के आग्रह के बाद ईओआई जमा कराने की तारीख को बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 किया जा रहा है। सरकार ने बीपीसीएल में अपनी समूची हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश का प्रस्ताव किया है। सरकार के पास कंपनी के 114.91 करोड़ शेयर हैं जो कंपनी की 52.98 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। 
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खरीदार को स्थानांतरित किया जाएगा प्रबंधन नियंत्रण 
इसके अलावा रणनीतिक खरीदार को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण भी स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि इसमें कंपनी की नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.65 फीसदी हिस्सेदारी शामिल नहीं है। नुमालीगढ़ रिफाइनरी में हिस्सेदारी की बिक्री सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एव गैस कंपनी को की जाएगी।

वीआरएस देने की पेशकश
इससे पहले बीपीसीएल ने कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) देने की पेशकश की थी। पेट्रोलियम विपणन कंपनी ने कर्मचारियों को भेजे नोटिस में कहा, यह योजना उनके लिए है, जो विभिन्न व्यक्तिगत कारणों से और निजी प्रबंधन के तहत कंपनी में काम नहीं करना चाहते हैं। 23 जुलाई को खुली योजना 13 अगस्त 2020 को बंद हो जाएगी।


45 साल की आयु पूरी कर चुके कर्मचारी चुन सकते हैं ये विकल्प
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कुछ कर्मचारियों को लगता है कि बीपीसीएल के निजीकरण के बाद उनकी भूमिका, स्थिति या स्थान में बदलाव हो सकता है। यह योजना उन्हें बाहर निकलने का विकल्प देती है। नोटिस के अनुसार, 45 साल की आयु पूरी कर चुके पांच से 10 फीसदी कर्मचारी वीआरएस का विकल्प चुन सकते हैं। सरकार 20,000 कर्मचारियों वाली बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। 

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