विज्ञापन
विज्ञापन

गोल्डमैन साक्स के वीपी ने की कंपनी से 38 करोड़ की धोखाधड़ी, पोकर गेम में गंवाए थे रुपये

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 10 Sep 2019 09:05 PM IST
गोल्डमैन सैक्स के पूर्व वीपी अश्विनी झुनझुनवाला
गोल्डमैन सैक्स के पूर्व वीपी अश्विनी झुनझुनवाला - फोटो : Twitter
ख़बर सुनें
ऑनलाइन पोकर गेम खेलकर वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डमैन साक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने करोड़ों रुपये गवां दिए थे। इस रकम को चुकाने के लिए उसने कंपनी के खातों का इस्तेमाल किया। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी झुनझुनवाला ने फर्म से कथित तौर पर 38 करोड़ रुपये की ठगी की, जिसके बाद मंगलवार को उसे बंगलूरू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। 
विज्ञापन
व्हाइटफील्ड के पुलिस उपायुक्त एम एन अनुचेथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि झुनझुनवाला ने कथित तौर पर कंपनी के अकाउंट से विदेश में एक निजी अकाउंट में 54 लाख डॉलर (38.8 करोड़ रुपये) ट्रांसफर किए थे। वह सोमवार से फरार था, जिसे आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

फरार है सहयोगी

पुलिस ने बताया कि झुनझुनवाला का सहयोगी वेंदात अभी भी फरार है। कंपनी के कानूनी प्रमुख अभिषेक परशीरा की शिकायत के आधार पर इन दोनों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी के अनुसार झुनझुनवाला ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए अपने तीन अधीनस्थों गौरव मिश्रा, अभिषेक यादव और सुजीत अप्पैया का इस्तेमाल किया था। उसने कथित तौर पर उन्हें प्रशिक्षण के बहाने अपने साथ ले लिया था। पुलिस उपायुक्त एमएन अनुचेत ने बताया कि झुनझुनवाला ने दूसरे फाइनेंशियल मैनेजर्स के अकाउंट में घुसपैठ की। इसके बाद उनके खातों से अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लिए थे। उन्होंने चार सितंबर को महज 10 मिनट में इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। कंपनी के इंटरनल मैकेनिज्म के कारण ये संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। झुनझुनवाला ने दो किश्तों में 38 करोड़ रुपये की राशि इंडस्ट्रियल एंड कर्मिशयल बैंक ऑफ चाइना में हस्तांतरित कर दी।

प्राथमिकी में कहा गया है, अपने कंप्यूटर पर काम करते हुए, उन्होंने उन्हें किसी न किसी बहाने जैसे पानी लाने के बहाने उन्हें दूर भेज दिया और उनके सिस्टम पर लॉगिन कर लिया। कंपनी ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी गतिविधियों को पकड़ लिया। कंपनी ने पूरे मामले की आतंरिक जांच भी की। इस दौरान तीन अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।

पुलिस ने बताया कि वेदांत को धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए कंपनी से बर्खास्त किया जा चुका है। यह मामला आंतरिक लेखा परीक्षा के दौरान छह सितम्बर को प्रकाश में आया था। 

वित्तीय परेशानी से था परेशान

पुलिस के मुताबिक, कंपनी ने शिकायत में कहा है कि झुनझुनवाला ऑनलाइन गेम में 47 लाख रुपये हार गए थे। इसके अलावा उन पर कुछ कर्ज भी था। इससे वह आर्थिक संकट की स्थिति में थे। पिछले महीने उन्होंने एक बैंक से लिए गए पर्सनल लोन को बढ़वाने की कोशिश भी की थी, लेकिन पिछली छह ईएमआई नहीं देने के कारण उनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई थी।
विज्ञापन

Recommended

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय
Invertis university

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2019 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Corporate

भारत में घटा कॉर्पोरेट कर, जानिए दुनिया के प्रमुख देशों में कितनी है इस कर की दर

सुस्त अर्थव्यवस्था के दौर के बीच भारत सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिए बड़ी घोषणा करते हुए शुक्रवार को कॉर्पोरेट कर की प्रभावी दर घटा दी है।

20 सितंबर 2019

विज्ञापन

MP कांग्रेस की बड़ी चूक, बैनर पर 'मध्यदेश' लिखने पर शिवराज की चुटकी तो सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत

भोपाल में कांग्रेस की बैठक हो रही थी। इसी दौरान मंच पर लगे बैनर में एक बड़ी चूक पर नजर गई। जहां मध्यप्रदेश की जगह उसे 'मध्यदेश' लिख दिया गया।

20 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree