{"_id":"5e8adf0c8ebc3e6fd31017dd","slug":"fight-against-coronavirus-pepsico-and-other-companies-joined-hands","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पेप्सिको देगी 25,000 परीक्षण किट और 50 लाख लोगों का खाना","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पेप्सिको देगी 25,000 परीक्षण किट और 50 लाख लोगों का खाना
Mon, 06 Apr 2020 01:19 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 06 Apr 2020 01:19 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में कई कंपनियों ने भारत की लड़ाई में साथ देने के लिए सरकार की मदद की है। पेप्सिको इंडिया अपनी परोपकार संस्था पेप्सिको फाउंडेशन के साथ भारत में कोरोना वायरस महामारी से मुकाबला करने के लिए 25,000 कोविड-19 परीक्षण किट और 50 लाख लोगों का खाना मुहैया कराएगी। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि भोजन बांटने के लिए उसने अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, जबकि 8,000 गरीब परिवारों को स्माइल फाउंडेशन की मदद से राशन मुहैया कराया जाएगा।
विज्ञापन
कंपनी ने बताया ये पहल कंपनी के वैश्विक कार्यक्रम ‘गिव मील्स, गिव होप’ का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने कोविड-19 परीक्षण किट मुहैया कराने के लिए फाउंडेशन ऑफ इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक (फाइंड) के साथ समझौता किया है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री ने भी की सहायता
पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कोविड- 19 को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में मदद के लिए पीएम केयर्स फंड में अपने वेतन से एक लाख रुपये की सहायता की। सीतारमण ने अपनी बैंक शाखा को निर्देश दिया कि, ‘‘मैं पीएम - केयर्स में एक लाख रुपये की सहायता करना चाहती हूं। मेरे खाते से इतनी राशि काट कर पीएम - केयर्स कोष में दे दी जाए।’’
विज्ञापन
अन्य कंपनियों ने भी की आर्थिक मदद
- इंडियन पोटाश लिमिटेड - पांच करोड़ रुपये
- एचडीएफसी समूह - 150 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) - 6.16 करोड़ रुपये
- विप्रो लिमिटेड, विप्रो एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन - 1,125 करोड़ रुपये
- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के कर्मचारियों ने दिए 15.48 लाख रुपये
- केआईओसीएल - 10 करोड़ रुपये
- भेल - 15.72 करोड़ रुपये
- भारती एंटरप्राइजेज - 100 करोड़ रुपये
- टाटा संस और टाटा ट्रस्ट - 1,500 करोड़ रुपये
- पेटीएम - 500 करोड़ रुपये
- मुकेश अंबानी - 500 करोड़ रुपये
- गौतम अडाणी - 100 करोड़ रुपये
- अडाणी फाउंडेशन - 100 करोड़ रुपये
- रेल मंत्रालय - 151 करोड़ रुपये