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PDPB की जांच करने वाली समिति के समक्ष प्रस्तुत होंगे फेसबुक के अधिकारी
Mon, 10 Aug 2020 12:16 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 10 Aug 2020 12:16 PM IST
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व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक (पीडीपीबी) की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष आज फेसबुक के अधिकारी प्रतिनियुक्ति करेंगे। पीडीपीबी बिल के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए फेसबुक पर 2.83 अरब डॉलर (15 करोड़ रुपये या उसके कुल कारोबार का 4 फीसदी) का जुर्माना लगा सकता है।
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यह जुकरबर्ग को क्यों पसंद नहीं?
यहां तक कि फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने बिल के कुछ प्रावधानों के विरोध में आवाज उठाई है, जैसे कि भारत में भारतीयों का डाटा संग्रहित किया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो अन्य देश भी यह मांग कर सकते हैं। जिन देशों में आधिकारिक तौर पर बहुत कम इंटरनेट स्वतंत्रता के साथ शासन होता है, वहां संभावित रूप से नागरिकों के डाटा का दुरुपयोग हो सकता है। हालांकि, इसपर भी ध्यान देना चाहिए कि पीडीपीबी के कई प्रावधान यूरोपीय संघ के सामान्य डाटा संरक्षण विनियमन (GDPR) से तैयार किए गए हैं, जिसका फेसबुक खुशी से अनुपालन करता है। PDPB पहला ऐसा कानून है जो व्यक्तियों के व्यक्तिगत डाटा संरक्षण को सुरक्षित रखने की बात करता है।
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पहले मई में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि वह चिंतित हैं कि अन्य देश इंटरनेट को विनियमित करने के लिए चीन के दृष्टिकोण की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं। जुकरबर्ग ने एक वीडियो बैठक के दौरान यूरोपियन यूनियन इंडस्ट्री कमिशनर थियरी ब्रेटन के साथ बातचीत में कहा था कि, मेरा विचार है कि चीन जैसे देशों से एक मॉडल बाहर आ रहा है। ये मॉडल उन पश्चिमी देशों के मूल्यों से बेहद अलग है जो चीन से कहीं ज्यादा लोकतांत्रिक हैं। यह पश्चिमी देशों पर निर्भर है कि वे डाटा प्राइवेसी को लेकर एक स्पष्ट फ्रेमवर्क बनाएं। इसे विकसित करना हमारी संयुक्त जिम्मेदारी है।
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