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रिलायंस-फ्यूचर रिटेल डील: किशोर बियानी को राहत, कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने के आदेश पर लगाई रोक
Mon, 22 Mar 2021 03:04 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Mon, 22 Mar 2021 03:04 PM IST
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रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड
- फोटो : twitter: @CCI_India
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एकल न्यायाधीश के उस फैसले को स्थगित कर दिया जिसमें फ्यूचर रिटेल समूह को रिलायंस रिटेल के साथ हुए 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर आगे बढ़ने से रोक दिया गया था। यह फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी के लिए राहत भरी खबर है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने रिलायंस के साथ कारोबार बेचने के समझौते पर एकल न्यायाधीश के 18 मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली फ्यूचर समूह की याचिका पर अमेजन को नोटिस भी जारी किया। अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी।
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संपत्ति कुर्क करने के आदेश पर भी लगाई रोक
पीठ ने सुनवाई के लिए मामले को 30 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है। उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश के फ्यूचर समूह के सीईओ किशोर बियानी, अन्य की संपत्तियों की कुर्की और उन्हें 28 अप्रैल को अदालत में पेश होने के आदेश को भी स्थगित कर दिया।
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अदालत की एकल न्यायधीश का निर्णय अमेजन की याचिका पर दिया गया था जिसमें उसने सिंगापुर पंचाट के 25 अक्तूबर 2020 के आदेश को अमल में लाने का आदेश दिए जाने और फ्यूचर समूह को रिलायंस के साथ 24,713 करोड़ के सौदे पर आगे बढ़ने से रोकने का आग्रह किया था।
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इसी महीने हाईकोर्ट ने बियानी को 28 अप्रैल को पेश होने और संपत्ति के अटैचमेंट के भी निर्देश दिए थे। अदालत ने पूछा था कि सिंगापुर ईए के आदेश के उल्लंघन के लिए उन्हें तीन माह के लिए हिरासत में रखा जाए। हाईकोर्ट का ये आदेश अमेजन की उस याचिका पर आया था जिसमें सिंगापुर ईए के 25 अक्तूबर 2020 के आदेश का पालन करवाने का आग्रह किया गया है। ईए ने एफआरएल व रिलायंस के बीच प्रस्तावित सौदे पर रोक लगा दी थी। अमेजन ने अपनी अंतरिम याचिका में एफआरएल को मुकेश अंबानी के समूह के साथ डील को पूरा करने से रोकने का आग्रह किया है।