एयर एशिया के सीईओ व चेयरमैन को दो महीने के लिए पद से हटाया गया
एयर एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टोनी फर्नांडिस और चेयरमैन कमरुद्दीन मेरानुन को दो महीने के लिए पद से हटा दिया गया है। इसकी जानकारी एयर एशिया ने सोमवार को मलयेशिया के शेयर बाजार को दी। सीईओ और चेयरमैन को कार्यकारी भूमिका से हटाकर सिर्फ सलाहकार की भूमिका में रखा गया है।
पिछले सप्ताह यूरोप की एयरोस्पेस कंपनी एयरबस ने कहा था कि वह फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका में भ्रष्टाचार की जांच के मामलों को सेटल करने के लिए 3.6 बिलियन यूरो यानी 2,830 करोड़ रुपये चुकाने को तैयार है। कंपनी पर लगे आरोप के अनुसार, एयरबस ने प्लेन का ऑर्डर पाने के लिए एयर एशिया को भी पांच करोड़ डॉलर यानी करीब 355 करोड़ रुपये का रिश्वत दी थी।
यह है मामला
रिश्वत के एक मामले में फर्नांडिस और मेरानुन के शामिल होने का शक है। मामले में ब्रिटेन का सीरियस फ्रॉड ऑफिस (एसएसओ) एयर एशिया के खिलाफ जांच कर रहा है। हालांकि टोनी फर्नांडिस और कमरुद्दीन मेरानुन ने इन आरोपों को गलत बताया है।
2018 में दर्ज किया गया था मामला
बता दें कि ईडी ने एयर एशिया और इसके अधिकारियों के खिलाफ साल 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। दरअसल, भारतीय अनुषंगी एयर एशिया इंडिया लिमिटेड को अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस दिलाने के लिए एयर एशिया पर सरकारी नीतियों को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप है, जिसकी जांच ईडी कर रही है। इतना ही नहीं, विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत भी इस मामले में ईडी की जांच चल रही है।
यह है कानून
5/20 नियम में जिस एयरलाइन के पास पांच साल का अनुभव होता है और उसके पास 20 एयरक्राफ्ट होते हैं, उन्हीं कंपनियों को इंटरनेशनल ऑपरेशन के लिए लाइसेंस दिया जाता है।
एफआईआर में हैं इनके नाम
एयर एशिया मलयेशिया के ग्रुप सीईओ एंथोनी फ्रांसिस, टोनी फर्नांडिस के अलावा ट्रैवल फूड ओनर सुनील कपूर, एयर एशिया के डायरेक्टर आर वेंकटरमन, एविएशन कंसल्टेंट दीपक तलवार, सिंगापुर की एसएनआर ट्रेडिंग के डायरेक्टर राजेंद्र दूबे और कुछ सरकारी अधिकारियों का नाम एफआईआर में है।