तीन साल में पहली बार गिरी अरबपतियों की संपत्ति, चीन में सबसे ज्यादा असर
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दुनिया भर में तीन साल में पहली बार अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट देखने को मिली है। अरबपतियों की संपत्ति में 388 अरब डॉलर (27.55 लाख करोड़ रुपये) घटकर 8.53 ट्रिलियन डॉलर (606 लाख करोड़ रुपये) रह गई।
अमेरिका-चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध से चीन समेत दुनिया के ज्यादातर देशों में इसका असर देखने को मिला है। स्विस बैंक और प्राइसवॉटर कूपर्स (PwC) द्वारा जारी संयुक्त रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट में दुनिया के बाज़ार में आर्थिक मंदी के कारण नकदी के चलन में आई कमी को इसका कारण बताया गया है।
चीन में रोजाना बन रहा है एक व्यक्ति अरबपति
अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा अरबपति एशिया प्रशांत क्षेत्र, खासतौर पर चीन में सबसे ज्यादा हैं। चीन में रोजाना एक अरबपति बन रहा है। इसके बावजूद ग्रेटर चाइना के अमीरों की संपत्ति में तेज गिरावट आई। उनकी नेटवर्थ 12.3 फीसदी घट गई। वहां के शेयर बाजार, करेंसी और विकास दर में गिरावट की वजह से अमीरों को नुकसान हुआ। वहां 48 लोग अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हो गए।
अमेरिका में टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबारी अमीरों की लिस्ट में लगातार जगह बना रहे हैं। 2018 के आखिर तक वहां अरबपतियों की संख्या 749 थी। यूबीएस के बड़े क्लाइंट के मैनेजर जोसेफ स्टैडलर ने शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा, 'अरबपतियों की संपत्ति 2008 के बाद पहली बार दुनिया की राजनीतिक स्थिति के कारण 2018 में घटी है।'
अमरीका में यूबीएस के लिए निजी धन प्रबंधन और अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ बिजनेस के प्रमुख जॉन मैथ्यूज ने कहा, 'यह रिपोर्ट अमरीकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को दिखाती है, जहां 2018 के अंत में 749 अरबपति थे।' इस रिपोर्ट ने ये भी संभावना जताई है कि अरबपतियों की तादाद अमरीका में फिर से बढ़ेगी।