फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   after indigo, jet airways too opt out from air india bidding process

सरकार की Air India को बेचने की मुहिम को लगा बड़ा झटका, इंडिगो के बाद जेट एयरवेज हुआ बाहर

Tue, 10 Apr 2018 03:03 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 10 Apr 2018 03:03 PM IST
विज्ञापन
after indigo, jet airways too opt out from air india bidding process
नेशनल कैरियर एयर इंडिया में अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को लेकर के केंद्र सरकार की मुहिम को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। इंडिगो के बाद अब जेट एयरवेज भी इसे खरीदने की रेस से बाहर हो गया है। हालांकि एक स्विस कंपनी SAC ने इसकी बिड में शामिल होने की इच्छा जताई है। 
विज्ञापन


इसलिए हुआ बिड से बाहर
कंपनी के डिप्टी सीईओ अमित अग्रवाल ने कहा कि सरकार का एयर इंडिया को निजी हाथों में बेचना एक बड़ा कदम है और हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन इसको खरीदने के लिए सरकार ने जो शर्ते अपने मेमोरेंडम में रखी हैं उसके हिसाब हम अपने को फिट नहीं पाते हैं और एयर इंडिया को खरीदने की रेस में शामिल नहीं होंगे। 
विज्ञापन


SAC ने दिखाई दिलचस्पी
स्विट्जरलैंड की स्विस एविएशन कंसल्टिंग (एस.ए.सी.) ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। सरकार 2018 के अंत तक एयर इंडिया को बेचना चाहती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एयर इंडिया में दिलचस्पी दिखाने वाला यह पहला इंटरनेशल एविएशन ग्रुप है लेकिन जानकारों की माने तो हो सकता है कि स्विट्जरलैंड की कम्पनी केवल अपने क्लाइंट्स के लिए संभावनाएं तलाश रही हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मचारियों के हितों का रखेंगे ध्यान
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि घाटे के चलते बिक रही नेशनल एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों के हितों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा। सरकार एयर इंडिया में अपनी 76 फिसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि इसके लिए ट्रेड यूनियन से बातचीत की जा रही है। 

सितंबर तक पूरा होगा सारा प्रोसेस

after indigo, jet airways too opt out from air india bidding process
एयर िंडिया

जयंत सिन्हा ने कहा कि एयर इंडिया को बेचने का पूरा प्रोसेस सितंबर तक पूरा हो जाएगा। उससे पहले ही सरकार इसके कर्मचारियों के लिए पूरी तरह फायदेमंद एक प्लान तैयार किया है। इसके तहत कर्मचारियों को वीआरएस, कंपनी के शेयरों में हिस्सेदारी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को सरकारी खर्चे पर स्वास्थ्य बीमा और पुराने कर्जे का सेटलमेंट शामिल है। 

इन संगठनों से सरकार कर रही है बात
डिसइन्वेस्टमेंट प्रोसेस शुरू होने के साथ ही कंपनी विभिन्न कर्मचारी संगठनों से बात शुरू कर रही है। इनमें पायलेट यूनियन, केबिन क्रू यूनियन और इंजीनियर्स यूनियन शामिल हैं। इनसे बातचीत पूरी होने के सरकार यह निर्णय लेगी। हो सकता है कि सरकार कर्मचारियों पर होने वाले खर्चे को पूरी तरह से वहन कर सके। 

शेयरों में मिलेगी 24 फीसदी हिस्सेदारी
कर्मचारियों को 24 फीसदी शेयरों में हिस्सेदारी मिलेगी, जो कि सरकार के पास बिकने के बाद बची रहेगी। इससे कर्मचारियों को भी यह लगेगा कि कंपनी उनकी है और वो आगे चलकर भी इसमें सही ढंग से काम करेंगे। 

अभी हैं 11 हजार कर्मचारी
एयर इंडिया में फिलहाल 11 हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से 37.6 फीसदी कर्मचारी अगले 5 सालों में रिटायर हो जाएंगे। इसके साथ ही सरकार कर्मचारियों का पहले से बकाया 1298 करोड़ रुपये भी एयर इंडिया के बिकने से पहले एरियर के तौर पर भुगतान कर देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed