RBI ने राज्यों को दी 21 दिन की ओवरड्राफ्ट सुविधा, म्यूचुअल फंड का भी यह नियम बदला
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कोरोना संकट को देखते हुए आरबीआई ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि को बढ़ाकर 21 दिन कर दिया है। इसके तहत राज्य 30 सितंबर तक पहले से सात दिन ज्यादा समय को लिए आरबीआई से तत्काल नकदी कर्ज यानी ओवरड्राफ्ट सुविधा ले सकेंगे।
आरबीआई ने राज्यों को एक तिमाही में पहले से ज्यादा समय तक ओवरड्राफ्ट के तहत उधार रखने की छूट दी है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्यों को नकदी समस्या से पार पाने में मदद देने के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाई जा रही है।
अभी तक 14 दिनों के लिए यह सुविधा दी जाती थी, जिसे 7 दिन और बढ़ा दिया है। इसी तरह, राज्य अब एक तिमाही में 50 दिन तक ओवरड्राफ्ट में रह सकते हैं, जो पहले 36 दिन थी। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है।
म्यूचुअल फंड का निवेश और निकासी समय बदला
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने म्यूचुअल में निवेश और निकासी के लिए कटऑफ टाइमिंग में बदलाव किया है। यह बदलाव 7 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2020 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत बीएसई के आधिकारिक प्लेटफॉर्म स्टारएमएफ पर लिक्विड और ओवरनाइट स्कीम के अलावा अन्य म्यूचुअल योजनाएं भी आएंगी।
बीएसई के अनुसार, निवेशकों को एल0 ट्रांजेक्शन यानी लिक्विड म्यूचुअल फंड और ओवरनाइट फंड में निवेश दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक करना होगा। यह समय निकासी पर भी लागू होगा। इसके अलावा एल1 ट्रांजेक्शन जिसमें नॉन लिक्विड म्यूचुअल फंड में 2 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश होता है, उनका समय अब दोपहर 12.30 बजे तक होगा।
पहले यह दोपहर 2.30 बजे तक था। वहीं, नॉर्मल म्यूचुअल फंड (डेट, इक्विटी, हाइब्रिड) योजनाओं में निवेश और निकासी का समय अब 1 बजे कर दिया गया है, जो पहले 3 बजे तक था। इसके अलावा 7 अप्रैल से मुद्रा बाजार में भी कारोबार का समय घट गया है।