फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   CMIE Report: Boom in self-employment...number of entrepreneurs doubled in seven years to cross 7 crores

CMIE Report: स्वरोजगार में तेजी...उद्यमियों की संख्या सात साल में दोगुना बढ़कर 7 करोड़ पार

Wed, 29 May 2024 07:05 AM IST
Ajit Singh Ajit Singh
Updated Wed, 29 May 2024 07:05 AM IST
सार

CMIE Report: आंकड़ों के मुताबिक, व्यावसायिक संरचना सात साल पहले की तुलना में अब बिल्कुल अलग है। 2016-17 में छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की कुल कार्यबल में 42.4 फीसदी हिस्सेदारी थी। किसानों और वेतनभोगी कर्मचारियों का हिस्सा क्रमशः 21 फीसदी और 23 फीसदी था।

विज्ञापन
CMIE Report: Boom in self-employment...number of entrepreneurs doubled in seven years to cross 7 crores
स्वरोजगार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

देश में पिछले कुछ वर्षों से कारोबारियों की संख्या में जबरदस्त तेजी दिखी है। खास बात यह है कि स्वरोजगार करने वालों की संख्या सात साल में बढ़कर दोगुनी हो गई है। 2016-17 में स्वरोजगार करने वालों की संख्या 3.61 करोड़ थी, जो 2023-24 में 7.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। 

विज्ञापन


सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के मुताबिक, 2016-17 में हर 100 कार्यरत व्यक्ति में से 13 लोग कारोबारी थे। 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 20 पहुंच गई है। 2023-24 में कुल 42.36 करोड़ लोगों के पास काम था। इसमें से 8.66 करोड़ कारोबारी थे।
विज्ञापन


आंकड़ों के मुताबिक, व्यावसायिक संरचना सात साल पहले की तुलना में अब बिल्कुल अलग है। 2016-17 में छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की कुल कार्यबल में 42.4 फीसदी हिस्सेदारी थी। किसानों और वेतनभोगी कर्मचारियों का हिस्सा क्रमशः 21 फीसदी और 23 फीसदी था। व्यावसायिक व्यक्तियों की संख्या कुल रोजगार में सिर्फ 13 फीसदी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


100 कार्यरत लोगों में 20 कारोबारी थे बीते वित्त वर्ष में, 2016-17 में आंकड़ा 13 था
रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में कुल कार्यबल में कारोबारी व्यक्तियों की हिस्सेदारी बढ़कर 20.4 फीसदी पर पहुंच गई है। छोटे कारोबारियों व दिहाड़ी मजदूरों का हिस्सा घटकर 30% के नीचे आ गया है। वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या में भी गिरावट आई। इनकी हिस्सेदारी 2023-24 में 21.8 फीसदी थी जो कोरोना महामारी के पहले के स्तर को पार कर गई है।

किसानों की हिस्सेदारी में इजाफा
2023-24 में कुल रोजगार में किसानों का अनुपात बढ़कर करीब 28 फीसदी हो गया। यह 2016-17 में 23 फीसदी था। सीएमआईई ने इस आंकड़े को तीन वर्गों में विभाजित किया है। इसमें कारोबारी, स्व-रोजगार और स्व-रोजगार उद्यमी शामिल हैं।


कारोबारियों का घटा अनुपात
सात वर्षों में व्यवसायियों का अनुपात काफी हद तक गिरकर 2023-24 में 16.7 फीसदी रह गया। दूसरी ओर, स्व-रोजगार उद्यमियों की हिस्सेदारी बढ़कर 81.5% पहुंच गई। व्यावसायिक व्यक्तियों के रूप में नौकरियों की बड़े पैमाने पर वृद्धि स्व-रोजगार उद्यमियों के बीच केंद्रित है। इसके उलट, बेहतर गुणवत्ता वाली नौकरियों जैसे व्यावसायियों व योग्य स्वरोजगार पेशेवरों में रोजगार सुस्त रहा है।

ऐसे बढ़ी स्वरोजगारों और कारोबारियों की संख्या

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed