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चीन की GDP दूसरी तिमाही में 6.9 फीसदी बढ़ी, सभी अनुमानों को झुठलाया
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:48 AM IST
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China economy
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दूसरी तिमाही में चीन की जीडीपी ने तमाम अनुमानों को झूठलाते हुए 6.9 फीसदी ग्रोथ को एक बार फिर से हासिल कर लिया है। इससे पहले लोगों ने आशंका जताई थी कि अप्रैल-जून के दूसरी में चीन की जीडीपी 6.5 फीसदी से नीचे रहेगी। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में यह दर 6.7 फीसदी रही थी, जो कि 26 सालों में सबसे कम रही थी।
इन आंकड़ों के आने से पहले एक्सपर्ट को लगता था कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी में ग्रोथ की रफ्तार काफी कम रहेगी, क्योंकि मकानों के दाम बढ़ गए हैं और कर्ज लेने का स्तर भी अनुमान से काफी आगे चला गया है, जिससे ग्रोथ का स्तर कम रहने की संभावना थी।
जहां पहली तिमाही में जीडीपी 1.3 फीसदी रही थी, वहीं इस तिमाही में यह 1.7 फीसदी रहेगी। सरकार को आशा है कि अगली तिमाही में भी ग्रोथ की रफ्तार 1.7 फीसदी से ज्यादा रहेगी।
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2025 तक चीन को पछाड़ देगा भारत
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार साल 2025 तक भारत 7.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर के साथ चीन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ देगा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (सीआईडी) ने 2025 तक सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत को सबसे ऊपर रखा है।
इस दौरान चीन की सालाना वृद्धि दर 4.41 प्रतिशत तक रहने की संभावना जताई गई है। सीआईडी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ सालों में वैश्विक वृद्धि के मामले में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से वैश्विक आर्थिक विकास की धुरी चीन से खिसककर भारत की तरफ़ बढ़ गई है।
रिसर्च बताती है कि भारत ने अपने निर्यात को नए क्षेत्रों तक पहुंचा कर नया आयाम दिया है। इसमें रसायन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ़ तेल निर्यात पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार जिन अर्थव्यवस्थाओं के सबसे तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। उसमें भारत के साथ तुर्की, युगांडा, इंडोनेशिया और बुल्गारिया शामिल हैं।
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इन आंकड़ों के आने से पहले एक्सपर्ट को लगता था कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी में ग्रोथ की रफ्तार काफी कम रहेगी, क्योंकि मकानों के दाम बढ़ गए हैं और कर्ज लेने का स्तर भी अनुमान से काफी आगे चला गया है, जिससे ग्रोथ का स्तर कम रहने की संभावना थी।
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जहां पहली तिमाही में जीडीपी 1.3 फीसदी रही थी, वहीं इस तिमाही में यह 1.7 फीसदी रहेगी। सरकार को आशा है कि अगली तिमाही में भी ग्रोथ की रफ्तार 1.7 फीसदी से ज्यादा रहेगी।
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2025 तक चीन को पछाड़ देगा भारत
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार साल 2025 तक भारत 7.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर के साथ चीन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ देगा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (सीआईडी) ने 2025 तक सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत को सबसे ऊपर रखा है।
इस दौरान चीन की सालाना वृद्धि दर 4.41 प्रतिशत तक रहने की संभावना जताई गई है। सीआईडी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ सालों में वैश्विक वृद्धि के मामले में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से वैश्विक आर्थिक विकास की धुरी चीन से खिसककर भारत की तरफ़ बढ़ गई है।
रिसर्च बताती है कि भारत ने अपने निर्यात को नए क्षेत्रों तक पहुंचा कर नया आयाम दिया है। इसमें रसायन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ़ तेल निर्यात पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार जिन अर्थव्यवस्थाओं के सबसे तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। उसमें भारत के साथ तुर्की, युगांडा, इंडोनेशिया और बुल्गारिया शामिल हैं।