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भारत से ज्यादा चीन को तरजीह देती है ग्लोबल रेटिंग एजेंसियां- अरविंद सुब्रमण्यम
amarujala.com - Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Thu, 11 May 2017 05:53 PM IST
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भारत से ज्यादा चीन को रेटिंग एजेंसियों में मिलने वाली तरजीह की खिंचाई करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि एजेंसियां ने भारत की तेज आर्थिक ग्रोथ के बावजूद रेटिंग में बदलाव नहीं किया है। वो अभी भी BBB रेटिंग पर है। वहीं, चीन की ग्रोथ थीमी होने के बावजूद एजेंसियों ने उसे AA रेटिंग दे रखी है।
25 सालों में केवल एक बार अपग्रेड हुई है रेटिंग
एसबीआई के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि विश्व की तमाम रेटिंग एजेंसियों ने 25 सालों में केवल एक बार ही भारत की रेटिंग को अपग्रेड किया था। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि रेटिंग एजेंसियां काफी समय से चीन और भारत के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर रही है।
स्टैण्डर्ड एंड पूअर द्वारा भारत को दी गई रेटिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद ने कहा कि इस वजह से हम इसे पूअर स्टैण्डर्ड कहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आखिर क्यों हम ऐसी एजेंसियों को इतनी गंभीरता से लेते हैं। यह रेटिंग एजेंसियां जो रेटिंग देती हैं उससे आज तक किसी का भला नहीं हुआ, बल्कि नुकसान ही हुआ है।
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25 सालों में केवल एक बार अपग्रेड हुई है रेटिंग
एसबीआई के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि विश्व की तमाम रेटिंग एजेंसियों ने 25 सालों में केवल एक बार ही भारत की रेटिंग को अपग्रेड किया था। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि रेटिंग एजेंसियां काफी समय से चीन और भारत के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर रही है।
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स्टैण्डर्ड एंड पूअर द्वारा भारत को दी गई रेटिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद ने कहा कि इस वजह से हम इसे पूअर स्टैण्डर्ड कहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आखिर क्यों हम ऐसी एजेंसियों को इतनी गंभीरता से लेते हैं। यह रेटिंग एजेंसियां जो रेटिंग देती हैं उससे आज तक किसी का भला नहीं हुआ, बल्कि नुकसान ही हुआ है।
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