GDP: 'जीडीपी बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर करना पड़ता है काम', वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था पर की ये टिप्पणी
Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री ने कहा कि हम बाजार खोलने को लेकर बहुत उत्साहित थे लेकिन आगे चलकर हमें एहसास हुआ कि वाकई में इससे वह मदद नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। वर्ष 2014 तक ऐसी ही स्थिति बनी रही। वित्त मंत्री ने कहा ऐसा नहीं है कि 2014 से पहले दुनिया पर देश को आगे ले जाने के लिए जिन चीजों पर जोर देने की जरूरत थी, वह नहीं हो पाया।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 1991 में लिए गए आर्थिक उदारीकरण के फैसले पर टिप्पाणी की है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश का बाजार खुलने के बाद बहुत सारी चीजें जो तेजी गति से होनी चाहिए थीं, नहीं हुई। वित्तमंत्री ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में जीआईटीएएम (डीम्ड विश्वविद्यालय) में अयोजित विकसित भारत एम्बेस्डर में ये बातें कही।
#WATCH | Andhra Pradesh | In her address to 'Viksit Bharat Ambassador' at GITAM (deemed to be a university) in Visakhapatnam, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, "Despite 1991, many things which could have happened at a great pace, didn't happen. We were very… pic.twitter.com/4asEqkwnVz
— ANI (@ANI) April 29, 2024
वित्त मंत्री ने कहा कि हम बाजार खोलने को लेकर बहुत उत्साहित थे लेकिन आगे चलकर हमें एहसास हुआ कि वाकई में इससे वह मदद नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। वर्ष 2014 तक ऐसी ही स्थिति बनी रही। वित्त मंत्री ने कहा ऐसा नहीं है कि 2014 से पहले दुनिया पर देश को आगे ले जाने के लिए जिन चीजों पर जोर देने की जरूरत थी, वह नहीं हो पाया। वित्त मंत्री ने जीडीपी के मुद्दे पर पूर्व वित्त मंत्री के बयानों पर चर्चा करते हुए कहा कि जीडीपी अपने आप नहीं बढ़ती। आपको माइक्रो और मैक्रो लेवल पर बहुत सारी मेहनत करनी पड़ती है। जमीनी स्तर पर काम करना पड़ता है।