{"_id":"67e86e289fab444b1a087cc5","slug":"yes-bank-gets-demand-notice-of-rs-2-209-crore-from-i-t-dept-2025-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"I-T Notice : यस बैंक पर आयकर विभाग की कार्रवाई; जारी किया 2209 करोड़ टैक्स की मांग का नोटिस","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
I-T Notice : यस बैंक पर आयकर विभाग की कार्रवाई; जारी किया 2209 करोड़ टैक्स की मांग का नोटिस
Sun, 30 Mar 2025 03:33 AM IST
शिव शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sun, 30 Mar 2025 03:33 AM IST
सार
यस बैंक पर आयकर विभाग ने कार्रवाई की है। आकलन वर्ष 2019-20 के लिए विभाग ने 2,209 करोड़ रुपये टैक्स की मांग का नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
आयकर विभाग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयकर विभाग ने यस बैंक को आकलन वर्ष 2019-20 के लिए 2,209 करोड़ रुपये टैक्स की मांग का नोटिस जारी किया है। इसमें 243.02 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है। यस बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। बैंक ने आगे फाइलिंग में कहा है कि आयकर विभाग के राष्ट्रीय फेसलेस मूल्यांकन यूनिट की ओर से 28 मार्च को पुनर्मूल्यांकन आदेश पारित किया गया है, जिसमें कोई अतिरिक्त अस्वीकृति नहीं किया गया है, अर्थात जिन आधारों पर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही शुरू की गई थी, उन्हें हटा दिया गया है।
विज्ञापन
बैंक ने कहा कि इस प्रकार, अधिनियम की धारा 144 के तहत पारित मूल मूल्यांकन आदेश में निर्धारित कुल आय पुनर्मूल्यांकन आदेश में अपरिवर्तित रही है, और परिणामस्वरूप, बैंक के खिलाफ कोई मांग नहीं उठाई जानी चाहिए थी। हालांकि, इसके बावजूद अधिनियम की धारा 156 के तहत जारी की गई गणना शीट और मांग के नोटिस ने सम तिथि तक 2209.17 करोड़ रुपये की आयकर मांग (ब्याज सहित) उठाई है, जो बिना किसी आधार के प्रतीत होती है।उक्त निर्धारण वर्ष को आयकर विभाग ने अप्रैल 2023 में पुनः खोला था।
विज्ञापन
यस बैंक का मानना है कि उसके पास इस मामले में अपनी स्थिति को उचित रूप से प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त आधार हैं और उक्त आदेश के कारण बैंक की वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। बैंक यह पुनर्मूल्यांकन आदेश के विरुद्ध कानून के तहत अपील और सुधार कार्यवाही करेगा।
विज्ञापन