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Year Ender 2019: कारोबार जगत की बड़ी घटनाएं जिनका आम आदमी पर पड़ा असर

Fri, 20 Dec 2019 03:21 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 20 Dec 2019 03:21 PM IST
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Year Ender 2019 big business news of the year which affected people

हर साल देश में कुछ न कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जिनका असर आम आदमी पर पड़ता है। 2019 में भारत के कारोबार जगत में भी कई घटनाएं हुई, जिनका असर लाखों लोगों पर पड़ा। एक ओर जहां जेट एयरवेज बंद होने से कई लोगों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी, वहीं दूसरी ओर टैक्स के नियमों में हुए बदलावों से करदाताओं पर भी असर पड़ा। साथी ही 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनी ने एक रिकॉर्ड बनाया। इस बीच बैंकिंग सेक्टर से भी बड़ी खबर आई। पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक ( PMC ) बैंक बंद होने से हजारों ग्राहकों के पैसे फंस गए। आइए जानते हैं सभी बड़ी घटनाओं के बारे में। 

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जेट एयरवेज हुई ठप

17 अप्रैल 2019 की तारीख देश के विमानन इतिहास में याद रखी जाएगी क्योंकि इसी दिन जेट एयरवेज के विमान ने अपनी आखिरी उड़ान भरी थी। इसके बाद अनिश्चितकाल के लिए इस कंपनी की सेवाएं बंद हो गई हैं। 17 अप्रैल को रात 10.30 बजे अमृतसर के हवाई अड्डे से मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जेट एयरवेज के विमान ने अंतिम उड़ान भरी थी। जेट एयरवेज के धड़ाम होने से यात्रियों सहित कंपनी के कर्मचारियों कतो भी कई दिक्कतें आई। कंपनी लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही थी। जेट एयरवेज के बंद होने से करीब 22 हजार लोगों की नौकरियां प्रभावित हुई। स्किल्ड से लेकर सेमी-स्किल्ड तक, जेट के तमाम कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।  

28 जून से जेट एयरवेज के शेयर की ट्रेडिंग पर पाबंदी    

इसके साथ ही आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा दी थी। इसपर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने कहा है कि कंपनी अपने बारे में विभिन्न अफवाहों का जवाब देने में नाकाम रही है। जेट का जवाब स्पष्ट और संतोषजनक नहीं था। यह फैसला एक्सचेंजों ने संयुक्त रूप से लिया है और यह 28 जून से प्रभावी हो गया है।

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साल 2019 में टैक्स से जुड़े भी कई बदलाव हुए हैं, जो निम्नलिखित हैं।

कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती

सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर दी है। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी। 

इन कंपनियों को नहीं चुकाना होगा MAT

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 22 फीसदी इनकम टैक्स के तहत आने वाली कंपनियों को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) नहीं चुकाना होगा। एमएटी ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती हैं। लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्स की देनदारी कम होती है।

कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म

कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म हो गया है। कॉर्पोरेट कर की दर घटाने से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला।

बायबैक पर टैक्स से छूट 

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस साल 5 जुलाई से पहले शेयर बायबैक का एलान करने वाली सूचीबद्ध कंपनियों को शेयरों के बायबैक पर टैक्स नहीं चुकाना होगा।

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पीएमसी बैंक पर प्रतिबंध से ग्राहक परेशान

सितंबर में भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने अगले छह महीने तक पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध के बाद खाताधारकों को कई दिक्कतें आई क्योंकि वे बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रहे थे और उन्होंने हंगामा भी किया था। इसकी वजह से कुछ खाताधारकों की मृत्यु भी हुई थी। 

इसलिए लगाया प्रतिबंध

अनियमितता बरतने के आरोप में भारतीय रिजर्व बैंक ने मुंबई स्थित पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई ने कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 35ए के तहत की है। प्रतिबंध सेक्शन 35 A के तहत लगाया गया है। 

ग्राहकों का साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये जमा 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो बैंक के पास ग्राहकों का साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। इसलिए ग्राहक बेहद परेशान हैं और उन्होंने जोगेश्वरी ब्रांच में जमकर हंगामा किया था। बता दें कि इसकी ब्रांच पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा में स्थित है। 

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10 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण वाली देश की पहली कंपनी बनी रिलायंस इंडस्ट्रीज
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नया मुकाम हासिल किया है। नवंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ के पार चला गया। ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली यह भारत की पहली कंपनी बन गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक है। साल 2018 अगस्त में भी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिकॉर्ड बनाया था जब कंपनी का बाजार पूंजीकरण पहली बार आठ लाख करोड़ के पार गया था। 

पिछले 33 महीने में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण छह लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। 
 

समय बाजार पूंजीकरण (रुपये में)
फरवरी 2017 चार लाख करोड़
जुलाई 2017 पांच लाख करोड़
अक्तूबर 2017 छह लाख करोड़
जुलाई 2018 सात लाख करोड़
अगस्त 2018 आठ लाख करोड़
अक्तूबर 2019 नौ लाख करोड़
नवंबर 2019 10 लाख करोड़

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एफडीआई के नए नियम

ई-कॉमर्स क्षेत्र में एक फरवरी से नए एफडीआई नियम लागू हो गए। इन नियमों के बाद, फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियां अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अप्रत्याशित छूट और कैशबैक की लुभावनी पेशकश नहीं दे सकेंगी। देश के खुदरा कारोबारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सरकार ने यह नियम लागू किया था। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2018 में जारी नियमों में बेहद सफाई से छूट और कैशबैक के खेल पर लगाम कसी गई है। आर्थिक विशेषज्ञ रामानुज के मुताबिक, अब ई-कॉमर्स कंपनियों की जिन चुनिंदा विक्रेताओं के साथ हिस्सेदारी होगी, उनके माल अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं बेच पाएंगी।

सिर्फ बीटूबी में 100 फीसदी एफडीआई

नए नियम में सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स के बिजनेस-टू-बिजनेस मॉडल में ही ऑटोमैटिक रूट के जरिये 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति है। विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों ने इस नियम की समय-सीमा बढ़वाने की तमाम कोशिशें की, लेकिन खुदरा व्यापारियों के दबाव ने इन प्रयासों को नाकाम कर दिया। 

घरेलू कंपनियों को लाभ

विशेषज्ञ यह मानते हैं कि इन नियमों से खुदरा और देसी ई-कॉमर्स कंपनियों को लाभ होगा, लेकिन तेजी से बढ़ रहे इस क्षेत्र की गति कम हो जाएगी। भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र में साल 2023 तक 10 लाख नौकरियां आएंगी, जबकि साल 2020 तक भारत में सालाना ई-कॉमर्स व्यवसाय से होने वाली बिक्री सात लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं, यह आंकड़ा साल 2026 तक 14 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। अभी यह क्षेत्र सालाना 51 फ़ीसदी की दर से बढ़ रहा है। 

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