आम जनता को मिली राहत, सितंबर में कम हुई थोक महंगाई दर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम जनता को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, जिससे पता चला कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सितंबर महीने में 0.33 फीसदी पर आ गई है। यह जून 2016 के सबसे निचले स्तर पर है। अगस्त में यह 1.08 फीसदी थी। वहीं पिछले साल सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.22 फीसदी थी।
Government of India: The official Wholesale Price Index (WPI) for 'All Commodities' (Base: 2011-12=100) for the month of September, 2019 declined by 0.1% to 121.3 (provisional) from 121.4 (provisional) for the previous month. (1/2) pic.twitter.com/RO42dsHF84
— ANI (@ANI) October 14, 2019विज्ञापन
खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी
सितंबर के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की दर 7.47 फीसदी रही। वहीं गैर-खाद्य पदार्थों की कीमतों की वृद्धि दर 2.18 फीसद रही। सितंबर में फल, सब्जियां, गेहूं, मीट और दूध की थोक महंगाई दर 0.6 फीसदी रही है। बता दें कि थोक मूल्य सूचकांक में प्राइमरी आर्टिकल्स की हिस्सेदारी 22.62 फीसदी है।
मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की महंगाई दर 0.1 फीसदी
मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की बात करें, तो इसकी थोक महंगाई दर सितंबर में 0.1 फीसदी रही। डब्ल्यूपीआई में इसकी हिस्सेदारी 64.23 फीसद है। ईंधन और पावर क्षेत्र में महंगाई दर -0.5 फीसद रही।
डब्ल्यूपीआई फूड इंडेक्स में 5.98 फीसदी की बढ़ोतरी
सितंबर के दौरान डब्ल्यूपीआई फूड इंडेक्स में 5.98 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले महिने अगस्त में यह 5.75 फीसदी थी। इसमें प्राइमरी आर्टिकल्स ग्रुप और मैन्युफैक्चर्ड उत्पाद कैटेगरी के खाद्य उत्पाद शामिल हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति तैयार करने के लिए मूल रूप से उपभोक्ता महंगाई दर को प्राथमिक रूप से ट्रैक करता है।