{"_id":"655ff0b69715ea3d190e9593","slug":"wheat-stock-reduced-by-60-percent-due-to-el-nino-business-news-in-hindi-2023-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Business News: अल नीनो के कारण गेहूं भंडार 60 फीसदी तक घटा, पढ़ें व्यापार जगत की अहम खबरें","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Business News: अल नीनो के कारण गेहूं भंडार 60 फीसदी तक घटा, पढ़ें व्यापार जगत की अहम खबरें
Fri, 24 Nov 2023 06:09 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Fri, 24 Nov 2023 06:09 AM IST
सार
सरकार ने कुछ विशेष स्थितियों में प्याज निर्यात को मंजूरी दी है। बयान में कहा गया है कि प्याज की जो खेप सीमा शुल्क अधिकारियों को अधिसूचना से पहले सौंप दी गई है और 29 अक्तूबर से पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत है, उन्हें 30 नवंबर तक निर्यात किया जा सकता है।
विज्ञापन
व्यापार समाचार
- फोटो : Social Media
विस्तार
गेहूं की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बीच फसल की बुवाई के रकबे में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है। देश में गेहूं की बुवाई का रकबा 17 नवंबर, 2023 तक एक साल पहले की तुलना में 4.7 लाख हेक्टेयर यानी 5.5 फीसदी घटकर 86 लाख हेक्टेयर रह गया है। इसकी प्रमुख वजह अल नीनो प्रभाव के कारण पानी की कमी और मिट्टी की नमी के स्तर में गिरावट है। ऐसे में किसान गेहूं के बजाय उन फसलों की बुवाई बढ़ा रहे हैं, जिसमें सिंचाई के लिए पानी की कम आवश्यकता पड़ती है।
विशेषज्ञों ने कहा, सामान्य से अधिक तापमान के कारण 2022 और 2023 में गेहूं की पैदावार प्रभावित हुई। इससे घरेलू बाजार में कीमतें उच्च स्तर पर पहुंच गईं। कीमतें नियंत्रित करने को सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। उनका कहना है कि 2024 में भी उत्पादन सामान्य से कम रहा तो अनाज उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता खतरे में पड़ सकती है और सरकार को अगले साल गेहूं आयात करना पड़ सकता है। इन मुश्किलों के बीच सबसे बड़ी चिंता गेहूं के भंडार में आ रही गिरावट है। देश में एक नवंबर, 2023 तक गेहूं का भंडार 2.19 करोड़ टन था। यह आंकड़ा पांच साल के औसत 3.48 करोड़ टन से 60 फीसदी कम है।
प्याज की पंजीकृत खेप का 30 नवंबर तक कर सकते हैं निर्यात
सरकार ने कुछ विशेष स्थितियों में प्याज निर्यात को मंजूरी दी है। बयान में कहा गया है कि प्याज की जो खेप सीमा शुल्क अधिकारियों को अधिसूचना से पहले सौंप दी गई है और 29 अक्तूबर से पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत है, उन्हें 30 नवंबर तक निर्यात किया जा सकता है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने बृहस्पतिवार को कहा, निर्यात की अवधि इस साल 30 नवंबर तक होगी। अधिसूचना के जारी होने से पहले भुगतान किया गया निर्यात शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। एजेंसी
विज्ञापन
फेम-2 सब्सिडी : दो संगठनों के अधिकारियों की होगी जांच
भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी घोटाले के जिम्मेदार दो संगठनों के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यह जांच ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के अधिकारियों की होगी। अधिकारियों पर आरोप है कि वाहनों को गलत तरीके से मंजूरी देने में इनकी भागीदारी है।
मंत्रालय के सचिव सचिव कामरान रिजवी ने कहा, प्रक्रियागत खामियों और गलत तरीके से राशि बांटने से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी। 13 कंपनियों को अनुचित तरीके से दावा की गई सब्सिडी की प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिए जाने के कई माह बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। इनमें सात वाहन कंपनियों को 469 करोड़ लौटाने को कहा गया है।
बॉब मोबाइल एप का ऑडिट अभी भी बाकी
बैंक ऑफ बड़ौदा अब भी मोबाइल एप का फोरेंसिक ऑडिट पूरा नहीं कर पाया है। हाल में इस एप के कर्मचारियों पर आरोप लगे थे। अक्तूबर में आरबीआई ने नए ग्राहक जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद बैंक ने दर्जनों कर्मचारियों को निकाल दिया था।
एनटीपीसी ने दिया 2,182 करोड़ लाभांश
एनटीपीसी ने सरकार को 2023-24 के लिए 2,182 करोड़ का पहला अंतरिम लाभांश दिया है। यह 22.50 रुपये प्रति चुकता पूंजी के आधार पर दिया गया है। यह लगातार 31वां साल है जब एनटीपीसी ने लाभांश दिया है। यह बताता है कि कंपनी लगातार निवेशकों को लाभ दे रही है। एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 73,874 मेगावॉट है। एजेंसी
सिप्ला : पूंजी एक दिन में 8,319 करोड़ घटी
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से सिप्ला को चेतावनी मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में बृहस्पतिवार को भारी गिरावट देखी गई। बिकवाली से कंपनी के शेयर 8 फीसदी से टूट गए। इससे उसकी पूंजी 8,319 करोड़ घट गई। कंपनी के मध्यप्रदेश के पीथमपुर प्लांट में विनिर्माण में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
तीन से चार उत्पाद पेश करेगी एलआईसी
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अगले कुछ महीनों में तीन से चार उत्पाद लॉन्च करेगी। इसके जरिये चालू वित्त वर्ष में नए कारोबार प्रीमियम में कंपनी ने 10 फीसदी से ज्यादा वृद्धि का लक्ष्य रखा है। एलआईसी चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि पहला उत्पाद दिसंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च होगा।
एआई आएगा नियमन के दायरे में सेबी की तरह बनेगा नियामक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भारत नियमन के दायरे में लाएगा। यह सेबी की तरह होगा जो इस पर पूरी निगरानी रखेगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा, एआई में स्व-नियमन और नौकरशाही के जरिये नियमन मॉडल के काम करने की संभावना नहीं है। सान्याल ने सुझाव दिया कि ऐसा नियामक हो जो टेक्नोलॉजी को समझता हो और इस पर ध्यान दे कि यह कैसे विकसित हो रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, एआई प्रणाली के लिए सेबी की तरह नियामक की जरूरत है। एक ऐसी प्रणाली स्थापित हो जो वित्तीय बाजार की तरह हो।
सान्याल ने कहा, इसमें सफल होने के लिए इससे पूरी तरह से जुड़ने की जरूरत है। इसमें कंपनी के निदेशक मंडल की तरह जवाबदेही तय करने की जरूरत है। नियमित ऑडिट करना होगा। आपको यह समझाने की जरूरत है कि एआई क्या कर रहा है। इसलिए मानकों की जरूरत है।
अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ साझा डाटा पूरी तरह सुरक्षित: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि अकाउंट एग्रीगेटर्स (एए) के साथ साझा किया गया ग्राहक डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। एए योजना की धीमी गति से चिंतित सीतारमण ने कहा, यह उतना नहीं है जितना मैं देखना चाहती हूं। यह बेहतर हो सकता है। इससे पता चलता है कि जागरूकता का निर्माण पर्याप्त नहीं है या प्रौद्योगिकी के सरलीकरण की आवश्यकता है। सीतारमण ने कहा, सार्वजनिक और निजी बैंकों ने एक बार मेरे साथ इसकी समीक्षा की है। बैंक इस खाता एग्रीगेटर्स का हिस्सा बन गए हैं। इससे वास्तव में मदद मिली है। बैंकों का उत्साह बढ़ाना होगा, तभी यह हर ग्राहक तक पहुंचेगा।
वित्त मंत्री ने कहा, बैंकिंग सुविधाओं के लिए सार्वजनिक प्लेटफॉर्म बनाने में सरकार का दृष्टिकोण ग्राहक डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करता है। जिस समय आप इसे देने के लिए तैयार हो जाएंगे, इसे बिना किसी बाधा के साझा किया जाएगा। डाटा सुरक्षा पर नागरिकों को आश्वस्त कर सकती हूं कि यह पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने कहा, सामान्य से अधिक तापमान के कारण 2022 और 2023 में गेहूं की पैदावार प्रभावित हुई। इससे घरेलू बाजार में कीमतें उच्च स्तर पर पहुंच गईं। कीमतें नियंत्रित करने को सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। उनका कहना है कि 2024 में भी उत्पादन सामान्य से कम रहा तो अनाज उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता खतरे में पड़ सकती है और सरकार को अगले साल गेहूं आयात करना पड़ सकता है। इन मुश्किलों के बीच सबसे बड़ी चिंता गेहूं के भंडार में आ रही गिरावट है। देश में एक नवंबर, 2023 तक गेहूं का भंडार 2.19 करोड़ टन था। यह आंकड़ा पांच साल के औसत 3.48 करोड़ टन से 60 फीसदी कम है।
विज्ञापन
प्याज की पंजीकृत खेप का 30 नवंबर तक कर सकते हैं निर्यात
सरकार ने कुछ विशेष स्थितियों में प्याज निर्यात को मंजूरी दी है। बयान में कहा गया है कि प्याज की जो खेप सीमा शुल्क अधिकारियों को अधिसूचना से पहले सौंप दी गई है और 29 अक्तूबर से पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत है, उन्हें 30 नवंबर तक निर्यात किया जा सकता है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने बृहस्पतिवार को कहा, निर्यात की अवधि इस साल 30 नवंबर तक होगी। अधिसूचना के जारी होने से पहले भुगतान किया गया निर्यात शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। एजेंसी
विज्ञापन
फेम-2 सब्सिडी : दो संगठनों के अधिकारियों की होगी जांच
भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी घोटाले के जिम्मेदार दो संगठनों के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यह जांच ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के अधिकारियों की होगी। अधिकारियों पर आरोप है कि वाहनों को गलत तरीके से मंजूरी देने में इनकी भागीदारी है।
मंत्रालय के सचिव सचिव कामरान रिजवी ने कहा, प्रक्रियागत खामियों और गलत तरीके से राशि बांटने से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी। 13 कंपनियों को अनुचित तरीके से दावा की गई सब्सिडी की प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिए जाने के कई माह बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। इनमें सात वाहन कंपनियों को 469 करोड़ लौटाने को कहा गया है।
बॉब मोबाइल एप का ऑडिट अभी भी बाकी
बैंक ऑफ बड़ौदा अब भी मोबाइल एप का फोरेंसिक ऑडिट पूरा नहीं कर पाया है। हाल में इस एप के कर्मचारियों पर आरोप लगे थे। अक्तूबर में आरबीआई ने नए ग्राहक जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद बैंक ने दर्जनों कर्मचारियों को निकाल दिया था।
एनटीपीसी ने दिया 2,182 करोड़ लाभांश
एनटीपीसी ने सरकार को 2023-24 के लिए 2,182 करोड़ का पहला अंतरिम लाभांश दिया है। यह 22.50 रुपये प्रति चुकता पूंजी के आधार पर दिया गया है। यह लगातार 31वां साल है जब एनटीपीसी ने लाभांश दिया है। यह बताता है कि कंपनी लगातार निवेशकों को लाभ दे रही है। एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 73,874 मेगावॉट है। एजेंसी
सिप्ला : पूंजी एक दिन में 8,319 करोड़ घटी
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से सिप्ला को चेतावनी मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में बृहस्पतिवार को भारी गिरावट देखी गई। बिकवाली से कंपनी के शेयर 8 फीसदी से टूट गए। इससे उसकी पूंजी 8,319 करोड़ घट गई। कंपनी के मध्यप्रदेश के पीथमपुर प्लांट में विनिर्माण में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
तीन से चार उत्पाद पेश करेगी एलआईसी
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अगले कुछ महीनों में तीन से चार उत्पाद लॉन्च करेगी। इसके जरिये चालू वित्त वर्ष में नए कारोबार प्रीमियम में कंपनी ने 10 फीसदी से ज्यादा वृद्धि का लक्ष्य रखा है। एलआईसी चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि पहला उत्पाद दिसंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च होगा।
एआई आएगा नियमन के दायरे में सेबी की तरह बनेगा नियामक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भारत नियमन के दायरे में लाएगा। यह सेबी की तरह होगा जो इस पर पूरी निगरानी रखेगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा, एआई में स्व-नियमन और नौकरशाही के जरिये नियमन मॉडल के काम करने की संभावना नहीं है। सान्याल ने सुझाव दिया कि ऐसा नियामक हो जो टेक्नोलॉजी को समझता हो और इस पर ध्यान दे कि यह कैसे विकसित हो रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, एआई प्रणाली के लिए सेबी की तरह नियामक की जरूरत है। एक ऐसी प्रणाली स्थापित हो जो वित्तीय बाजार की तरह हो।
सान्याल ने कहा, इसमें सफल होने के लिए इससे पूरी तरह से जुड़ने की जरूरत है। इसमें कंपनी के निदेशक मंडल की तरह जवाबदेही तय करने की जरूरत है। नियमित ऑडिट करना होगा। आपको यह समझाने की जरूरत है कि एआई क्या कर रहा है। इसलिए मानकों की जरूरत है।
अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ साझा डाटा पूरी तरह सुरक्षित: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि अकाउंट एग्रीगेटर्स (एए) के साथ साझा किया गया ग्राहक डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। एए योजना की धीमी गति से चिंतित सीतारमण ने कहा, यह उतना नहीं है जितना मैं देखना चाहती हूं। यह बेहतर हो सकता है। इससे पता चलता है कि जागरूकता का निर्माण पर्याप्त नहीं है या प्रौद्योगिकी के सरलीकरण की आवश्यकता है। सीतारमण ने कहा, सार्वजनिक और निजी बैंकों ने एक बार मेरे साथ इसकी समीक्षा की है। बैंक इस खाता एग्रीगेटर्स का हिस्सा बन गए हैं। इससे वास्तव में मदद मिली है। बैंकों का उत्साह बढ़ाना होगा, तभी यह हर ग्राहक तक पहुंचेगा।
वित्त मंत्री ने कहा, बैंकिंग सुविधाओं के लिए सार्वजनिक प्लेटफॉर्म बनाने में सरकार का दृष्टिकोण ग्राहक डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करता है। जिस समय आप इसे देने के लिए तैयार हो जाएंगे, इसे बिना किसी बाधा के साझा किया जाएगा। डाटा सुरक्षा पर नागरिकों को आश्वस्त कर सकती हूं कि यह पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।