{"_id":"667babeb0e6ed8478301d80b","slug":"us-trade-body-approves-funding-to-develop-integrated-aviation-hub-in-hissar-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-US: हिसार में एकीकृत विमानन केंद्र विकसित होगा, अमेरिकी व्यापार निकाय ने वित्तपोषण को दी मंजूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
India-US: हिसार में एकीकृत विमानन केंद्र विकसित होगा, अमेरिकी व्यापार निकाय ने वित्तपोषण को दी मंजूरी
Wed, 26 Jun 2024 11:19 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 26 Jun 2024 11:19 AM IST
सार
America: एकीकृत विमानन केंद्र बनाने का मकसद भारत की आपूर्ति शृंखला नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हवाई अड्डे के माल तथा रसद बुनियादी ढांचे को विकसित करना है। शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत में 10 विमानन परियोजनाएं हैं जिनमें अमेरिकी कंपनियां योगदान कर सकती हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : i-stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी ने हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे पर एक एकीकृत विमानन केंद्र बनाने में मदद के लिए तकनीकी सहायता के वास्ते अनुदान निधि को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी (यूएसटीडीए) की निदेशक एनोह टी एबोंग ने यहां तीन दिवसीय अमेरिका-भारत विमानन शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यह घोषणा की।
विज्ञापन
एकीकृत विमानन केंद्र बनाने का मकसद भारत की आपूर्ति शृंखला नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हवाई अड्डे के माल तथा रसद बुनियादी ढांचे को विकसित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि यूएसटीडीए ने हरियाणा राज्य के हिसार हवाई अड्डे पर एक एकीकृत विमानन केंद्र बनाने में मदद के लिए तकनीकी सहायता हेतु अनुदान निधि को मंजूरी दे दी है।’’
विज्ञापन
एबोंग ने हालांकि यूएसटीडीए से मिलने वाली अनुदान राशि का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे कदम हवाई अड्डे के माल तथा लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद करेंगे, जो भारत की आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क को मजबूत करेगा।’’
विज्ञापन
शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत में 10 विमानन परियोजनाएं हैं जिनमें अमेरिकी कंपनियां योगदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम और भी काम करना चाहते हैं। यह शिखर सम्मेलन हमारी पारस्परिक रूप से लाभकारी विमानन साझेदारी के अगले अध्याय की दिशा तय करने का एक अवसर है।’’