Trade Talks: क्या अमेरिका और भारत 10-11 दिसंबर को फिर से व्यापार वार्ता करेंगे, जानिए क्या है अपडेट
Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर एक बार फिर इसी हफ्ते बातचीत हो सकती है। खबर है कि अमेरिका के उप व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रिक स्वित्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते नई दिल्ली में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भारतीय समकक्ष के साथ चर्चा करेगा। इस बारे में क्या अपडेट हैं, आइए जानते हैं विस्तार से।
विस्तार
अमेरिका के उप व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रिक स्वित्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते नई दिल्ली में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अपने भारतीय समकक्ष राजेश अग्रवाल से मुलाकात करेगा। इस समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य वार्ताकार, दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच, भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव दर्पण जैन के साथ बातचीत करेगे।
सूत्रों ने कहा, "अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय का एक प्रतिनिधिमंडल, उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत रिक स्वित्जर के नेतृत्व में, 9-11 दिसंबर, 2025 तक भारत का दौरा करेगा। 10 और 11 तारीख को व्यापार से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत होगी।" यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं।
50% टैरिफ के एलान के बाद अमेरिकी अधिकारियों की यह दूसरी भारत यात्रा
अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा रूसी कच्चे तेल की खरीद के कारण अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ और अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना लगाए जाने के बाद से उनकी दूसरी यात्रा है। अमेरिकी अधिकारियों ने पिछली बार 16 सितंबर को भारत का दौरा किया था।
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22 सितंबर को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका गए। गोयल मई में भी वाशिंगटन गए थे। यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत को इस वर्ष ही अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते पर पहुंचने की उम्मीद है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लाभ के लिए टैरिफ मुद्दे का समाधान हो जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) में समय लगेगा। उन्होंने कहा, "भारत अमेरिका के साथ एक रूपरेखा व्यापार समझौते पर लंबी बातचीत कर रहा है, जो भारतीय निर्यातकों के समक्ष मौजूद पारस्परिक टैरिफ चुनौती का समाधान करेगा। भारत और अमेरिका दो समानांतर वार्ताएं कर रहे हैं- एक टैरिफ से निपटने के लिए रूपरेखा व्यापार समझौते पर और दूसरी व्यापक व्यापार समझौते पर। फरवरी में दोनों देशों के नेताओं ने अधिकारियों को समझौते पर बातचीत करने का निर्देश दिया था।"
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सर्दियों तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने की थी योजना
समझौते के पहले चरण को 2025 की सर्दियों तक पूरा करने की योजना थी। अब तक छह दौर की वार्ताएँ हो चुकी हैं। इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करके 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहेगा, इसका द्विपक्षीय व्यापार 131.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर (86.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात) होगा।
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भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका का योगदान लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत तथा कुल वस्तु व्यापार में 10.73 प्रतिशत है। निर्यातकों के अनुसार, यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात अक्तूबर में लगातार दूसरे महीने घटा है। वाशिंगटन की ओर से लगाए गए भारी शुल्कों के कारण यह वर्तमान में 8.58 प्रतिशत घटकर 6.3 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।