Semiconductor: केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा- चीन तीन दशक में जो नहीं कर सका, भारत 10 साल में हासिल करेगा
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर परिवेश में ऐसा कोई नहीं है, जो भारत को निवेश और नवाचार के लिए एक बहुत विश्वसनीय, व्यवहार्य और तेजी से उभरते गंतव्य के रूप में नहीं देखता है।
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चिप के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 10 अरब डॉलर के प्रोत्साहन और सहयोग से भारत एक दशक में सेमीकंडक्टर की वैश्विक आपूर्ति शृंखला में प्रमुख भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। देश 10 साल में वह हासिल कर लेगा, जो चीन तीन दशक में भी नहीं कर सका।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर परिवेश में ऐसा कोई नहीं है, जो भारत को निवेश और नवाचार के लिए एक बहुत विश्वसनीय, व्यवहार्य और तेजी से उभरते गंतव्य के रूप में नहीं देखता है। अपने कठिन प्रयासों की बदौलत भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अगले 10 साल में 10 अरब डॉलर (81,993 करोड़ रुपये) के साथ वह उपलब्धि हासिल करने के लिए तैयार है, जिसे पाने में चीन को 25-30 साल लग गए। इसके बावजूद वह सफलता नहीं प्राप्त कर सका। दरअसल, सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने पिछले साल वेदांता और ताइवान की फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनियों को भारत में सेमीकंडक्टर के विनिर्माण में अरबों डॉलर के निवेश के लिए आकर्षित किया था।
भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनाने का सपना
चंद्रशेखर ने कहा, कभी-कभी कुछ लोग समझ की कमी की वजह से या जानबूझकर पिछले 15 महीनों के प्रयास को अलग-अलग तरीकों से चित्रित करते हैं। लेकिन, सेमीकंडक्टर पर भारत की कहानी काफी अलग है। प्रधानमंत्री की अगुवाई में भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनाने का सपना पूरा करने पर काम 70 साल में पहली बार कुछ महीने ही पहले शुरू हुआ है।
आज दुनिया हमसे 12 पीढ़ी आगे निकली
केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमने 2014 के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्निर्माण किया है। सरकार 30 स्टार्टअप के साथ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के डिजाइन पर काम कर रही है। इनमें से पांच स्टार्टअप को सरकार से सीधे वित्तीय सहायता मिली है। चंद्रशेखर ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 1987 में दुनिया के मुकाबले महज दो साल पीछे था। आज दुनिया हमसे 12 पीढ़ी आगे निकल गई है।
20,000 रोजगार देगी माइक्रोन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माइक्रोन के साथ एटीएमपी परियोजना से सेमीकंडक्टर उद्योग में कुल 20,000 रोजगार पैदा होंगे। इनमें 5,000 प्रत्यक्ष व 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। माइक्रोन वैश्विक मेमोरी समाधान क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी है।