फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Union Budget 2024: No relief in tax regime, what is expected in the budget session from January 31?

Union Budget 2024: कर राहत बढ़ने की उम्मीद नहीं, 31 जनवरी से बजट सत्र में क्या मिलने की उम्मीद?

Thu, 11 Jan 2024 04:28 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 11 Jan 2024 04:28 PM IST
विज्ञापन
सार
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने आयकर की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था, जिसका बहुत स्वागत किया गया था। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कही जाने वाली चार विशेष जातियों महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए विशेष योजनाएं पेश की जा सकती हैं...
loader
Union Budget 2024: No relief in tax regime, what is expected in the budget session from January 31?
Union Budget 2024 - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर नौ फरवरी तक चलेगा। दस दिनों के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी और उसी दिन आर्थिक सर्वे पेश किए जाने की संभावना है। दस दिन तक चलने वाला यह बजट सत्र अंतरिम बजट होगा और इसमें सरकार केवल आवश्यक खर्चों के लिए अनुमति मांगेगी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पेश किए जाने वाले इस बजट के लोकलुभावन नीतियों से भरपूर होने की संभावना है।

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने आयकर की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था, जिसका बहुत स्वागत किया गया था। पिछली बार इस राहत और बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया था। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कही जाने वाली चार विशेष जातियों महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए विशेष योजनाएं पेश की जा सकती हैं।

आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार, इस बार बजट में आयकर सीमा के बढ़ाने की संभावना नहीं है। प्रत्यक्ष आयकर दाताओं की संख्या पहले ही बहुत कम है, इसलिए सरकार आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर अपनी आय कम करने की बात नहीं सोचेगी। उसे लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसे की भी आवश्यकता है। ऐसे में वह अपनी आय कम करने का कोई भी रास्ता नहीं अपनाएगी। हालांकि, किसी नए कर प्रस्ताव के न आने की भी संभावना हो सकती है।

आयकर में बदलाव की संभावना कम

आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि सरकार की सबसे ज्यादा आय अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से हो रही है। जीएसटी कर संग्रह लगातार 1.50 लाख करोड़ सीमा को पार कर रहा है। इसको और ज्यादा बढ़ाने से सरकार की आय में वृद्धि हो सकती है।

लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे रहें और वे आवश्यक चीजों की बढ़-चढ़कर खरीद करें। ऐसे में सरकार आयकर बढ़ाकर लोगों के हाथों से पैसा कम करने का कोई उपाय नहीं करेगी। लेकिन अपनी आय कम करने के डर से वह आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से बचने की नीति अपना सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed